इथोपिया और केनà¥à¤¯à¤¾ की यातà¥à¤°à¤¾
शà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन ( सेठी )
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·-शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾. दि. जैन महासà¤à¤¾
दिलà¥à¤²à¥€ में 14 मई, 2017 रविवार को गोमà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¥à¤µà¤° बाहà¥à¤¬à¤²à¤¿ à¤à¤—वान का महामसà¥à¤¤à¤•ाà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• जो 17 फरवरी से 25 फरवरी 2018 तक समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने जा रहा है। उसकी विशाल मीटिंग दिलà¥à¤²à¥€ में शाह आॅडिटोरियम में हà¥à¤ˆ उसमें समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ होकर à¤à¤¾à¤‚सी रातà¥à¤°à¤¿ में टà¥à¤°à¥‡à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 15 मई, 2017 को सà¥à¤¬à¤¹ पहà¥à¤‚चा।
आचारà¥à¤¯à¤¶à¥à¤°à¥€ विरागसागर जी महाराज के संघ का यà¥à¤— पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤®à¤£ यति समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ महामहोतà¥à¤¸à¤µ में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हà¥à¤† और साधà¥à¤“ं के दरà¥à¤¶à¤¨ किये। महासà¤à¤¾ का नैमितà¥à¤¤à¤¿à¤• अधिवेशन समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करा कर आचारà¥à¤¯à¤¶à¥à¤°à¥€ विरागसागर जी महाराज का आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ लेकर 16 तारीख को रातà¥à¤°à¤¿ दो बजे इथोपिया के लिठरवाना हà¥à¤† और आदिस अबाबा होते हà¥à¤ मैकाले पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ 9 बजे पहà¥à¤‚चा। वहां पर à¤à¤¾à¤°à¤¤, यूके à¤à¤µà¤‚ केनà¥à¤¯à¤¾ से गये हà¥à¤ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ और शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ ी मिले।
17 मई को होने वाले सेमीनार की सब चरà¥à¤šà¤¾ हà¥à¤ˆ और जानकारी मिली कि इथोपिया में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में राजदूत शà¥à¤°à¥€ अनà¥à¤°à¤¾à¤— शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ साहब समापन समारोह को समà¥à¤¬à¥‹à¤§à¤¿à¤¤ करने 18 तारीख को पधारेंगे, सà¥à¤¨à¤•र खà¥à¤¶à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ उसके बाद 16 मई को ही मैं, शà¥à¤°à¥€ विकास जैन, शà¥à¤°à¥€ गौरव जैन सी. à¤. (गाजियाबाद) और शà¥à¤°à¥€ विनीत जैन सी. à¤. (नई दिलà¥à¤²à¥€) à¤à¤• गाड़ी से अलà¥à¤®à¤¾à¤•ा पहà¥à¤‚चे जो मेकाले से 42 किलोमीटर दूर था। अलà¥à¤®à¤¾à¤•ा मनà¥à¤¦à¤¿à¤° में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ वेदी मिली। तीरà¥à¤¥à¤‚कर की मूरà¥à¤¤à¤¿ की जगह थी, पर खाली। मूरà¥à¤¤à¤¿ की दिशा ठीक पूरà¥à¤µ की थी। मूरà¥à¤¤à¤¿ के अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• के बाद पानी निकलने की नाली थी। उसमें लगà¤à¤— दो फà¥à¤Ÿ का गहरा सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ था जहां अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का जल इकटà¥à¤ ा होता था। अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• के जल को वहां से बाहर ले जाने के लिठलगà¤à¤— 10 फà¥à¤Ÿ लमà¥à¤¬à¥€ नाली थी। वेदी के चारों तरफ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ लिपि खà¥à¤¦à¥€ हà¥à¤ˆ थी जिसे हम लोग पॠनहीं सके। जरà¥à¤®à¤¨ के लोग इसके जीरà¥à¤£à¥‹à¤‚दà¥à¤§à¤¾à¤° का कारà¥à¤¯ कर रहे हैं। अनेक सामगà¥à¤°à¥€ उनके सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° में रखी हà¥à¤ˆ है परनà¥à¤¤à¥ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° बनà¥à¤¦ होने के कारण हम नहीं देख सके। यहां गांव में à¤à¤• मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ था, पर वह बनà¥à¤¦ मिला। यहां पर अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को देखती हà¥à¤ˆ हमारी टीम à¤à¥€ आ गई।
यहां पर हमने डॉ. राजमल जी जैन (अहमदाबाद), डॉ. à¤à¤¾à¤—चनà¥à¤¦ जैन à¤à¤¾à¤¸à¥à¤•र (नागपà¥à¤°), शà¥à¤°à¥€ विजय कà¥à¤®à¤¾à¤° जी (सागर), डॉ. जयनà¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾à¤² जी जैन (मंगलायतन विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯), शà¥à¤°à¥€ आर.सी. जैन (सहारनपà¥à¤°), डॉ. बाबूलाल सेठी (जयपà¥à¤°), डॉ. वरà¥à¤·à¤¾ रानी (गà¥à¤¡à¤—ांव), डॉ. कà¥à¤¸à¥à¤® गोपाल (लनà¥à¤¦à¤¨, यूके), शà¥à¤°à¥€ à¤. के. खनà¥à¤¨à¤¾ (नई दिलà¥à¤²à¥€), शà¥à¤°à¥€ चिंरजीव चैधरी (इथोपिया) ने हमें जानकारी दी कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने येहा (Yeha) में मून टैमà¥à¤ªà¤² (Moon Temple) देखा, जिसकी विशाल दिवारें आज à¤à¥€ मौजूद हैं। यहां पर लगà¤à¤— 50-55 फीट ऊंची चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤à¥ à¤à¤—वान की मूरà¥à¤¤à¤¿ रही होगी। तीन जगह उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चनà¥à¤¦à¥à¤° आकार का चिहà¥à¤¨ बिनà¥à¤¦à¥ सहित देखा। वहां à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ लिपी में लिखे हà¥à¤ लेख देखे। मनà¥à¤¦à¤¿à¤° के सामने राजा का महल à¤à¥€ देखा। राजा निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से जैन रहा होगा। इस मून मनà¥à¤¦à¤¿à¤° को चरà¥à¤š में बदला गया था। कà¥à¤› समय के बाद उसको खाली कर दिया गया कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि 1978 में यूनेसà¥à¤•ो दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इस मनà¥à¤¦à¤¿à¤° को ‘वलà¥à¤°à¥à¤¡ हैरिटेज साईट’ घोषित किया गया। इस मनà¥à¤¦à¤¿à¤° के नीचे जरà¥à¤®à¤¨ लोगों ने वरà¥à¤· 2009 से खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ शà¥à¤°à¥‚ की है और उसमें कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ सामगà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ˆ है, वह अलग जगहों पर रखी हà¥à¤ˆ है। परनà¥à¤¤à¥ खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सामगà¥à¤°à¥€ को देख नहीं सके हैं। येहा (Yeha) के इस मनà¥à¤¦à¤¿à¤° मून टैमà¥à¤ªà¤² को देखकर सब अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤à¥¤
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि येहा (Yeha) से यह लोग à¤à¤•à¥à¤œà¤¾à¤® (Axum) गये। जहां पर पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल की गà¥à¤«à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ देखीं। जिनपर समà¥à¤à¤µà¤¤à¤ƒ निगà¥à¤°à¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ मà¥à¤¨à¤¿ के लेटने की जगह à¤à¥€ थी। यह गà¥à¤«à¤¾ ‘यू’ के आकार में थी। यहां पर चार कोनों में चार सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ थे। उन गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की उदयगिरि खणà¥à¤¡à¤—िरि व दकà¥à¤·à¤¿à¤£ की अनेक गà¥à¤«à¤¾à¤“ं की तरह तà¥à¤¯à¤¾à¤—ियों के सोने की जगह देखी। उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यहां जैन मà¥à¤¨à¤¿ रहते थे और तपसà¥à¤¯à¤¾ करते थे। इसके बाद वे लोग अलà¥à¤®à¤¾à¤•ा पहà¥à¤‚चे और वहां पर हम लोगों ने साथ में साईट को देखा। हम सब लोग शाम को मेकाले आ गये।
17 मई को मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के विशाल हॉल में पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ 9 बजे सेमीनार पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ हà¥à¤†à¥¤ हॉल में à¤à¤—वान महावीर का चितà¥à¤° à¤à¥€ लगाया गया।
पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° बिलियम मोकोनेन (अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· दरà¥à¤¶à¤¨ विà¤à¤¾à¤—, मेकाले यूनीवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€) ने सेमीनार की रूपरेखा बताई और कहा कि अफà¥à¤°à¥€à¤•ा की संसà¥à¤•ृति à¤à¤µà¤‚ जैन संसà¥à¤•ृति मिलकर विशà¥à¤µ में शांति सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ कर सकती है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस कारà¥à¤¯ में डॉ. राजमल जैन, डॉ. à¤à¤¾à¤—चनà¥à¤¦ à¤à¤¾à¤¸à¥à¤•र à¤à¤µà¤‚ शà¥à¤°à¥€ à¤. के. खनà¥à¤¨à¤¾ के योगदान की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की और बताया कि इस सेमीनार के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हमें à¤à¤•-दूसरे की संसà¥à¤•ृति की जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होगी और इससे विशà¥à¤µ में शानà¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बà¥à¥‡à¤—ी।
वहां के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· ने अपने उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ à¤à¤¾à¤·à¤£ में सेमीनार की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जैन धरà¥à¤® के अहिंसा सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ की à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की और अफà¥à¤°à¥€à¤•ा की संसà¥à¤•ृति की à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ की। à¤à¤¾à¤°à¤¤ से आये विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया।
मैंने डॉ. गोकà¥à¤²à¤šà¤¨à¥à¤¦ जी जैन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘विदेशों में जैन धरà¥à¤®’ में अबीसीनिया और इथोपिया मे बारे में जो लिखा है, वह बताया। हमने बताया कि हजारों वरà¥à¤· पहले यहां जैन मà¥à¤¨à¤¿ विचरण करते थे और अहिंसा का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करते थे। हम उसी इतिहास के पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ ढूंà¥à¤¨à¥‡ आपके पास आये हैं। आप लोगों से हम सहयोग की अपेकà¥à¤·à¤¾ करते हैं और आपको आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ देते हैं कि आपके इस पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ में All India Digamber Jain Heritage Preservation Organisation का पूरा सहयोग आपको मिलता रहेगा। हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह à¤à¥€ बताया कि अगले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ से बाहर लगà¤à¤— 40 देशों के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में जाकर सेमीनार करेंगे। हमने इस तरह का पहला सेमीनार फरवरी 2017 में कैलानिया यूनीवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ (कोलमà¥à¤¬à¥‹, शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का) आयोजित किया था, जिसमें यह बात पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ हà¥à¤ˆ कि बौदà¥à¤§ धà¥à¤£à¤°à¥à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होने से पूरà¥à¤µ वहां जैन धरà¥à¤® था और अनà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤® जैन राजा की राजधानी थी। इसी तरह से अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल में जैन धरà¥à¤® था। उसकी खोज में हम निकले हैं और हमें काफी सामगà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ˆ हैं। उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सà¤à¤¾ को बताया कि इस देश में उपवास करने को महतà¥à¤µ देते हैं जोकि जैन धरà¥à¤® में à¤à¥€ महतà¥à¤µ दिया जाता है। उपवास के दिनों में केवल à¤à¤• बार शाकाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨ ही गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने की पà¥à¤°à¤¥à¤¾ है। इसी तरह के नियम जैन धरà¥à¤® में à¤à¥€ है।
इसके बाद सेमीनार पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ हà¥à¤†à¥¤
17 मई को 2 अलग-अलग सतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के à¤à¤¾à¤·à¤£ हà¥à¤, जिनके विषय निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित है। पà¥à¤°à¤¥à¤® सतà¥à¤° डॉ. कà¥à¤¸à¥à¤® गोपाल (यू à¤à¤¨ टैकà¥à¤¨à¥€à¤•ल à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ) की मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ (Moderator) में समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤
1 Prof. Bhagchand Jain (AIDJHPO, Historicity of meditation and Salivation in Jain Tradition)
2 Prof. Jayanti Lal Jain (AIDJHPO, Meditation to Salivation-Jain Perspective)
3 Gaurav Jain (AIDJHPO), International Conference Proposal On African and Jain
Philosophies: Indigenous Enlightement in Peace Building
दूसरा सतà¥à¤° डॉ. जोहानस असवी (Dr. Yohannes Assfew) की मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ (Moderator) में समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤
1 Mr. Fasil Merawi (Addis Ababa University Zara Yacob's Hatata and the vitality of an
Indigenous Ethiopian Philosophy)
2 Dr. Chiranjib Kumar (AIDJHPO, Ethiopian Orthodox Christianity and Indian Jain Philosophy
A Common Interlinkage For Saving Cultural Heritage And Indigenous Knowledge In Peace
Buildig)
3 Mr. Dessalegn Seyoum (Addia Ababa 'Locaglaziation'; Promoting African Philosophy while
Countering Westernization,
4 Mr. Amon Bekele (Mekelle University Ethno-Philosophy as an Instrument of Oppression)
18 मई को 2 अलग-अलग सतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के à¤à¤¾à¤·à¤£ हà¥à¤, जिनके विषय निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित है। पà¥à¤°à¤¥à¤® सतà¥à¤° डॉ. टिसडे à¤à¤²à¥‡à¤®à¥‚ (Dr. Tseday Alemu) की मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ (Moderator) में समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤
1 Mr. Belete Molla (Addis Ababa University Beyond Cartesian Philosophy of Essentialism
and the Quest for Intercultural Discourse: Some Examples)
2 Dr. Kusum Gopal (UN Technical Expert Ahimsa as Intangible heritage, Ubuntu as its
instrument: Inclusive cosmologics for Peace building)
3 Mr. Mulata Hiluf (Mekelle University Accounts of Personhood in African Traditional Thought
(ATI) and Peace Building Projects in African Community),
4 Journalist Varsha Rami (AIDJHPO Walking an Indigenous Path to World. The Shared
Visions of the Traditional African and Jain Philosophies)
दूसरा सतà¥à¤° डॉ. मà¥à¤®à¤¾à¤¹ सोलोमन जे (Dr. Mumah Solomon) की मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ (Moderator) में समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤
1 Dr. S. K. Dwivedi (AIDJHPO Analyzing Philosophy and Physiognomy of Jain Art),
2 Prof. B. L. Sethi (Jainism Versus peace-building)
सेमीनार की सफलता को देखते हà¥à¤ मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की ओर से à¤à¤• MOU पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया गया जिसमें उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ और ऑल इंडिया दिगमà¥à¤¬à¤° जैन हैरिटेज पà¥à¤°à¥€à¤œà¤°à¥à¤µà¥‡à¤¶à¤¨ आरà¥à¤—ेनाईजेशन मिलकर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में मिलकर कारà¥à¤¯ करना तय किया। उसका पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प दिखाया गया और उसको हम लोगों ने à¤à¥€ मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर दी। इस तरह से मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ और महासà¤à¤¾ हमेशा à¤à¤•-दूसरे को सहयोग देंगे और सहयोग लेंगे की बात पकà¥à¤•ी हो गई।
समापन समारोह का संचालन पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° बिनयाम माकोनेन (Prof. Binyam Makonen) ने किया।
समापन समारोह में शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¾à¤¨ केनà¥à¤¡à¥€à¤¯à¤¾ जी. हेवॉट (Dr. Kindeya G. Hiwot) अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ (इथोपिया) ने इस समारोह को सफल बताया। और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¥€ इस तरह के सेमीनार किये जायेंगे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि इस सेमीनार में ‘अहिंसा परमो धरà¥à¤®à¤ƒ के बारे में अफà¥à¤°à¥€à¤•ा के लोगों को जानकारी मिली है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ कहा कि यहां की जो पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ संसà¥à¤•ृति है, उसकी खोज करने में à¤à¥€ मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ अपना पूरा सहयोग देगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के राजदूत शà¥à¤°à¥€ अनà¥à¤°à¤¾à¤— शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ का à¤à¤¾à¤µà¤à¥€à¤¨à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया।
उसके बाद मेरा à¤à¤¾à¤·à¤£ हà¥à¤† जिसमें मैंने मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के इस आयोजन की à¤à¥‚रि-à¤à¥‚रि पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की। साथ ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ के राजदूत को पधारने पर उनका बहà¥à¤¤-बहà¥à¤¤ अà¤à¤¿à¤¨à¤¨à¥à¤¦à¤¨ किया। हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताया कि आपके पधारने से हम गौरवानà¥à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ हैं। मेकाले यूनीवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ आने से पहले हम शà¥à¤°à¥€ वी.के. सिंह विदेश राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के मिले थे और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस सेमीनार के बारे में बताया। माननीय राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤ और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस सेमीनार की सफलता के लिठहमें अपना आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ दिया है। हमने शà¥à¤°à¥€ अनà¥à¤°à¤¾à¤— शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ जी से निवेदन किया कि इथोपिया की संसà¥à¤•ृति का à¤à¤¾à¤°à¤¤ के जैन धरà¥à¤® से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• रहा है और यहां पर जैन पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ की बहà¥à¤¤ चीजें मिल रही हैं। इस खोज के कारà¥à¤¯ में हमने शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ जी से अनà¥à¤°à¥‹à¤§ किया कि वे अपने दूतावास का सहयोग हमें समय-समय पर देते रहें तो पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ चीजों की खोज हो सकेगी जो विशà¥à¤µ के इतिहास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगी।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजदूत शà¥à¤°à¥€ अनà¥à¤°à¤¾à¤— शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने कहा कि All India Digamber Jain Heritage Preservation Organisation को धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ देता हूं और à¤à¤¾à¤°à¤¤ से आये हà¥à¤ सà¤à¥€ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया जो इतना परिशà¥à¤°à¤® करके इतनी दूर आकर जैन धरà¥à¤® के अहिंसा के सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बारे में लोगों को बताया। साथ ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के सहयोग से à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• सेमीनार समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कराया। इस तरह के शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• और अनà¥à¤¸à¤‚धान के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दूतावास का पूरा सहयोग देने की घोषणा की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·, पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°, विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन सेठी की à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ दिया कि वे All India Digamber Jain Heritage Preservation Organisation के खोज के कारà¥à¤¯ हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दूतावास अपना सहयोग देता रहेगा।
19 मई को हम लोग पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒà¤•ाल 10ः30 बजे आदिस अबाबा पहà¥à¤‚चे। होटल में कà¥à¤› देर विशà¥à¤°à¤¾à¤® के बाद हम लोग वहां के नेशनल मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® को देखने गये। नेशनल मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® में लूसी (Lucy) जो विशà¥à¤µ का पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤¤à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯ कंकाल है, देखने का अवसर मिला जिसको तीस लाख बीस हजार साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ बताते हैं। इस कंकाल की खोज 1974 में हà¥à¤ˆ थी और इससे मानव सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के बारे में पता चलता है। इस बीच ‘अथॉरिटी फॉर रिसरà¥à¤š à¤à¤£à¥à¤¡ कंजरà¥à¤µà¥‡à¤¶à¤¨ ऑफ कलà¥à¤šà¤°à¤² हेरिटेज’ के निदेशक पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ नेशनल मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® ने कà¥à¤› ऑफिसरो के संदरà¥à¤à¥‹à¤‚ देकर वहां के रिजरà¥à¤µ कलैकà¥à¤¶à¤¨ को देखा। इस तरह से रिजरà¥à¤µ कलैकà¥à¤¶à¤¨ की बहà¥à¤¤ सी चीजें हैं जो हमारी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति से मिलती है। इसमें सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤• का चिहà¥à¤¨, कà¥à¤› लाल à¤à¤µà¤‚ काले बरà¥à¤¤à¤¨, सिलबटà¥à¤Ÿà¥‡, चकà¥à¤•ी आदि का वहां पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में संगà¥à¤°à¤¹ था। यह संगà¥à¤°à¤¹ बहà¥à¤¤ बड़ा है, जिसमें उनके पास 50 हजार के करीब अवशेष हैं। जो इथोपिया में अलग-अलग जगहों से मिले हैं। यह à¤à¥€ à¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है जो यह बता रहा है कि यहां पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के अवशेष हैं, जिसको हम पनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¹à¤µà¥€à¤‚ शताबà¥à¤¦à¥€ ईसा पूरà¥à¤µ से आगे ले जाकर चैथी शताबà¥à¤¦à¥€ ईसवी के अवशेष à¤à¤•à¥à¤œà¤¾à¤® (Axum) मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® में दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¥‡ गये हैं। यह इस बात का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं कि चैथी शताबà¥à¤¦à¥€ में इथोपिया में इसाई धरà¥à¤® की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ हà¥à¤ˆ और à¤à¤•à¥à¤œà¤¾à¤® (Axum) सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ हà¥à¤†à¥¤ इन पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि चैथी शताबà¥à¤¦à¥€ से पूरà¥à¤µ इथोपिया में जैन धरà¥à¤® जैसे रिती-रिवाजों का चलन था और जो इसाई धरà¥à¤® (Orthodox) में बदल गया और आज ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤¡à¥‰à¤•à¥à¤¸ इसाई धरà¥à¤® के लोग अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ विरासत (सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾) को आज तक अपने साथ लेकर चल रहे हैं, जोकि à¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं।
20 मई को हम लोग आदिस अबाबा से लगà¤à¤— 80 किलोमीटर दूर दकà¥à¤·à¤¿à¤£ पशà¥à¤šà¤¿à¤® में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ अहा (Ayha) गये जहां हम लोगों ने पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ गड़े हà¥à¤ ऊंचे-ऊंचे पतà¥à¤¥à¤° देखे, जिसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के चिहà¥à¤¨ थे। à¤à¤• पतà¥à¤¥à¤° पर हमने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤• का चिहà¥à¤¨ देखा। इन पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ को देखने से यह पता चलता है कि यह à¤à¥€ 800 ईसा पूरà¥à¤µ से हैं। कई जगहों पर तलवार के निशान था। कà¥à¤› लिपि à¤à¥€ थी, जिसको हम लोग पॠनहीं सके। मैंने इस तरह के पतà¥à¤¥à¤° आयरलैणà¥à¤¡ में खà¥à¤¦à¥‡ हà¥à¤ देखे हैं तथा इमà¥à¤«à¤¾à¤² में बरà¥à¤®à¤¾ के बॉरà¥à¤¡à¤° पर आज à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ पतà¥à¤¥à¤° मौजूद हैं।
21 मई को हम लोग नेशनल à¤à¤•à¥à¤œà¥€à¤¬à¤¿à¤¶à¤¨ में गये जहां पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ और इथोपिया के लोगों ने मिलकर सà¥à¤Ÿà¤¾à¤² लगाये थे। इस सà¥à¤Ÿà¤¾à¤² में 1950 से à¤à¤¾à¤°à¤¤ के साथ जो मधà¥à¤° समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ रहा है, उसको दिखाया, जिसमें à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤¥à¤® पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ पणà¥à¤¡à¤¿à¤¤ जवाहरलाल नेहरू की à¤à¥‚मिका पà¥à¤°à¤®à¥à¤– थी।
22 मई को हम लोग आदिस अबाबा विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के दरà¥à¤¶à¤¨ विà¤à¤¾à¤— में गये और उनके साथ मीटिंग की। आदिस अबाबा विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के कई विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ à¤à¥€ मेकाले विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में हà¥à¤ सेमीनार में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हà¥à¤ थे तथा काफी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ थे। विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के लोगों के साथ MOU पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया जिसको हमने सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया और विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ और महासà¤à¤¾ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में इथोपिया में मिलकर अहिंसा पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° का काम करेंगे और अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ संसà¥à¤•ृति के बारे में à¤à¥€ अनà¥à¤¸à¤‚धान करेंगे। पà¥à¤°à¤¥à¤® सचिव शà¥à¤°à¥€ विजय कà¥à¤®à¤¾à¤° जी (à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दूतावास आदिस अबाबा) ने बताया कि इथोपिया में जरà¥à¤®à¤¨ à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥€ के संसà¥à¤•ृति सचिव से दिनांक 23 मई को सायं 5 बजे मिलने का समय ले लिया है।
23 मई को ओरोमिया जनजाति के मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® में गये जहां पर वहां के डायरेकà¥à¤Ÿà¤° और डिपà¥à¤Ÿà¥€ डायरेकà¥à¤Ÿà¤° से बात की और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ओरोमिया संसà¥à¤•ृति के बारे में बताया और इसके साथ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ बताया कि 1 और 2 तारीख को वहां के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ जाॅमà¥à¤¬à¥€ में सेमीनार किया जा रहा है। उस सेमीनार में हमें बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया। हम लोग मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® को नहीं देख सके कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसका जीरà¥à¤£à¥‹à¤‚दà¥à¤§à¤¾à¤° हो रहा था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमें ओरोमिया संसà¥à¤•ृति के बारे में जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में सहयोग देंगे, à¤à¤¸à¤¾ बताया।
शाम को हम 5 बजे जरà¥à¤®à¤¨ à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥€ में पहà¥à¤‚चे और वहां पर शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¾à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¤¨ वेन (पà¥à¤°à¤¥à¤® सचिव वाणिजà¥à¤¯ और संसà¥à¤•ृतिक विà¤à¤¾à¤—, जरà¥à¤®à¤¨ à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥€ इथोपिया) से लगà¤à¤— 45 मिनट तक चरà¥à¤šà¤¾ की। हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने आने का कारण बताया तो वे बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤à¥¤ वहां जीरà¥à¤£à¥‹à¤‚दà¥à¤§à¤¾à¤° का कारà¥à¤¯ चल रहा है। वहां की हमें जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करनी है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि यह सारा कारà¥à¤¯ जरà¥à¤®à¤¨à¥€ के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से मिलकर करते हैं। इसलिठवह हम सबको उनका पता और फोन नमà¥à¤¬à¤° दे देंगे, जिससे हम उन लोगों से सीधा समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करके जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¤¤ करते रहेंगे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमारी सब बातों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से सà¥à¤¨à¤•र और जरà¥à¤®à¤¨ à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥€ का पूरा सहयोग देने का वचन दिया।
इथोपिया का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤«à¤² 11 लाख, 4 हजार 3 सौ सà¥à¤•ाॅयर मीटर का है। यहां पर 2 मौसम होते हैं। यहां अकà¥à¤¤à¥‚बर से मई तक शà¥à¤·à¥à¤• मौसम होता है और जून से सितमà¥à¤¬à¤° तक नम मौसम। पूरा इथोपिया उंची पहाड़ी पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। पहाड़ों की उंचाई 2 हजार और 3 हजार मीटर के लगà¤à¤— है। परनà¥à¤¤à¥ यहां पर 25 à¤à¤¸à¥‡ पहाड़ हैं, जिनकी उंचाई 4 हजार मीटर से à¤à¥€ उंची है। यहां की मà¥à¤–à¥à¤¯ नदी बà¥à¤²à¥‚ नाईल या अà¤à¤¯ (Blue Nile) है जो इथोपिया में 1450 किलोमीटर लमà¥à¤¬à¥€ बहती है। यह नदी टाना लेक से निकलती है। इथोपिया की आबादी 9 करोड 66 लाख है। यहां पर खेती मà¥à¤–à¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ है, जिसपर इथोपिया की 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ जनता की आय निरà¥à¤à¤° करती है। इथोपिया में लगà¤à¤— 83 तरह की बोलियां बोली जाती हैं। मà¥à¤–à¥à¤¯ बोली का नाम आमहरिक (Amharic) है।
24 मई को हम लोग आदिस अबाबा से नैरोबी पहà¥à¤‚चे और वहां पर ‘लोटस इन’ होटल में ठहरे। जहां पर शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤«à¥à¤²à¥à¤² राजा जी हमसे मिलने आये। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने रातà¥à¤°à¤¿ में दिगमà¥à¤¬à¤° जैन मनà¥à¤¦à¤¿à¤° नैरोबी जोकि 1980 में कानजी के सानà¥à¤¨à¤¿à¤§à¥à¤¯ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित हà¥à¤† था, में आने के लिठनिमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया था। शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤«à¥à¤²à¥à¤² राजा शà¥à¤°à¥€ पवन जी जैन (मंगलायतन विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯) के मितà¥à¤° हैं। मनà¥à¤¦à¤¿à¤° में सवा नौ बजे उनका पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ समापà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने इथोपिया आने का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ बताया और हमने इथोपिया में जैन धरà¥à¤® के मिले पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताया, जिसे सà¥à¤¨à¤•र वे बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤ और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि इस तरह की बातें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने जीवन में पहली बार सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ को मिली। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पहली बार इथोपिया में जैन धरà¥à¤® था, की बातें सà¥à¤¨à¥€ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने महासà¤à¤¾ को सहयोग देने का आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ दिया।
25 मई को टैकà¥à¤¨à¥€à¤•ल विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ (नैरोबी) में हमारा सेमीनार हà¥à¤† जिसमें अनेक विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ ने जैन धरà¥à¤® के अहिंसा धरà¥à¤® के बारे में बताया और अफà¥à¤°à¥€à¤•न दरà¥à¤¶à¤¨ (फिलोसफी) के बारे में बताया। इस मीटिंग में डॉ. पैटरिक à¤à¤®. डिकà¥à¤•र (डायरेकà¥à¤Ÿà¤° सेंटर फाॅर साइंस à¤à¤£à¥à¤¡ टैकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¤¾à¥…जी सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¥) ने अफà¥à¤°à¥€à¤•न दरà¥à¤¶à¤¨ के बारे में बताया और कहा कि हम लोग पà¥à¤°à¤•ृति को पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤¤à¤¾ देते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अहिंसा धरà¥à¤® की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा करते हà¥à¤ आपस में सहयोग करने की बात को सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया।
शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¾à¤¨ सोलोमन ने घोषणा की कि अगला सेमीनार 13-14-15 दिसमà¥à¤¬à¤° 2017 को किसà¥à¤®à¥ सिटी (Kisumu-City, Kenya ) में होना निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ हà¥à¤† है और यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ अमेरिका के पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शà¥à¤°à¥€ बराक ओबामा का जनà¥à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। यह बहà¥à¤¤ सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° शहर विकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€à¤² के किनारे पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है और à¤à¤• बनà¥à¤¦à¤°à¤—ाह है। यहां पर बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ के समय के सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¤à¥à¤¯ कला के नमूने हैं। किसà¥à¤®à¥ सिटी में विशाल सेमीनार करने की जो घोषणा हà¥à¤ˆ, उसको हमने सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया। डॉ. राजमल जी ने बताया कि वे जून के अंत तक इसका कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बनाकर सब जगह à¤à¥‡à¤œ देंगे। मीटिंग में काफी विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे और सब लोगों में बहà¥à¤¤ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ था।
दोहपर में 3 बजे शà¥à¤°à¥€ धीरू à¤à¤¾à¤ˆ जी ओसवाल जैन समाज नैरोबी के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हैं, उनसे मिलने ओसवाल à¤à¤µà¤¨ नैरोबी गये। वहां पर हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने आने का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ बताया और कहा कि यहां जैन संसà¥à¤•ृति थी। यह सà¥à¤¨à¤•र उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ट करते हà¥à¤ कहा कि न तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसकी सूचना थी और न ही इस तरह का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ पहले किया गया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमारा सà¥à¤µà¤¾à¤—त करते हà¥à¤ कहा कि इस तरह के कारà¥à¤¯ में वे सब तरह से सहयोग देंगे। दूसरे दिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒà¤•ाल शहर से बाहर जाना था। इसलिठहम उनसे और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चरà¥à¤šà¤¾ नहीं कर सके।
हमारे अलावा अनà¥à¤¯ लोगों ने वहां के नेशनल मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® को देखा। उसके बाद वे डायरेकà¥à¤Ÿà¤° जनरल से मिलने गये। परनà¥à¤¤à¥ वे वहां नहीं मिले। परनà¥à¤¤à¥ वहां à¤à¤• आरà¥à¤•ियोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉ. कà¥à¤°à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¨à¥€ ओगोला (Chrtstine Ogola) से मिले। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमें कई बातें नैरोबी और केनà¥à¤¯à¤¾ के बारे में बतायीं कि यहां पर 42 तरह की जनजातियां हैं और उनमें से अधिकांश अपनी पूरà¥à¤µ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ को बनाये रखना चाहते हैं। नैरोबी के लोगों से बात करने पर यह जानकारी मिलती है कि कà¥à¤› à¤à¥€ हो, वे अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ को संजोये रखना चाहते हैं, जो जैन धरà¥à¤® से मिलती है।
26 मई को कà¥à¤› लोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठरवाना हो गये। मैं और डॉ. राजमल जैन (अहमदाबाद) नेशनल मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® को देखने गये और वहां पर सहायक निदेशक से मिले। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ के बारे में पूरा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ था। उनसे काफी विचार-विमरà¥à¤¶ हà¥à¤†à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने उचà¥à¤šà¤¾à¤§à¤¿à¤•ारी डॉ. फेडरिक कà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‹ मानà¥à¤¥à¥€ से मिलने के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¾à¥¤ यहां पर हमारी à¤à¥‡à¤‚ट à¤à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ दीनाह इंजेंडी (कà¥à¤ªà¤‚दंी पà¥à¤¦à¤°à¤®à¤¦à¤•प) से हà¥à¤ˆ जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ आकर इतिहास और पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ की पà¥à¤¾à¤ˆ करना चाहती हैं। हमने उनको सà¥à¤•ाॅलरशिप की सà¥à¤µà¥€à¤•ृति पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की। डॉ. फेडरिक कà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‹ मानà¥à¤¥à¥€ से मिले। उनको हमने अपने आने का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ बताया। हमारी बात सà¥à¤¨à¤•र उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤•ट की और अपना पूरा सहयोग अनà¥à¤¸à¤‚धान के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में देने के लिठआशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ दिया। हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ आने के लिठनिमंतà¥à¤°à¤£ दिया और बताया कि केनà¥à¤¯à¤¾ से 2 विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤®à¤ इतिहास à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ में पà¥à¤¾à¤ˆ के लिठसà¥à¤•ाॅलरशिप देना चाहते हैं। à¤à¤• हमने चà¥à¤¨ ली हैं दूसरे विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ का नाम वह बतायें।
उनसे मिलकर हम दोनों तीन बजे पैराडाईज लाॅसà¥à¤Ÿ, ओलà¥à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° à¤à¤œ केवà¥à¤¸ à¤à¤‚ड वाॅटरफाॅलà¥à¤¸ (Paradise Lost, Old Store Age Caves and Waterfalls) में गà¥à¤«à¤¾ देखने गये। यह बहà¥à¤¤ सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° जगह थी। वहां विशाल à¤à¥€à¤² थी। गà¥à¤«à¤¾ à¤à¤°à¤¨à¥‡ के पीछे बनी हà¥à¤ˆ थी। काफी लमà¥à¤¬à¥€ और बड़ी थी। यह à¤à¤°à¤¨à¤¾ विशà¥à¤µ में à¤à¤• ही है। जिसके पीछे à¤à¥€ जा सकते हैं और सामने से à¤à¥€ देख सकते हैं। इस जगह को देखने से यह बात मन में आई कि पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल में अवशà¥à¤¯ यहां पर विशाल संखà¥à¤¯à¤¾ में जैन मà¥à¤¨à¤¿ रहते होंगे और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ तथा तपसà¥à¤¯à¤¾ करते होंगे।
27 मई को दोपहर 4 बजे रवाना होकर दिनांक 28 मई को रातà¥à¤°à¤¿ 1 बजे दिलà¥à¤²à¥€ सकà¥à¤¶à¤² पहà¥à¤‚चे। अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में पà¥à¤°à¤¥à¤® सेमीनार में जो हमें अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ सफलता मिली है, उसकी हमें उमà¥à¤®à¥€à¤¦ नहीं थी। परनà¥à¤¤à¥ हम लोग जिनशासन की पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ गये थे। इसलिठहमारी यह यातà¥à¤°à¤¾ सफल रही। इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¥€ हमें निरनà¥à¤¤à¤° कारà¥à¤¯ कारà¥à¤¯ करते रहना पड़ेगा और इसके लिठचतà¥à¤°à¥à¤µà¤¿à¤¦ संघ से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करता हूं कि इस कारà¥à¤¯ में अपना आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦, मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤µà¤‚ सहयोग देते रहें।
हमने इस यातà¥à¤°à¤¾ के पहले परमपूजà¥à¤¯ आचारà¥à¤¯à¤¶à¥à¤°à¥€ वरà¥à¤§à¤®à¤¾à¤¨à¤¸à¤¾à¤—र जी महाराज, आचारà¥à¤¯à¤¶à¥à¤°à¥€ विरागसागर जी महाराज, आचारà¥à¤¯à¤¶à¥à¤°à¥€ विशà¥à¤¦à¥à¤§à¤¸à¤¾à¤—र जी महाराज, गणिनी आरà¥à¤¯à¤¿à¤•ा शà¥à¤°à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤®à¤¤à¥€ माताजी, गणिनी आरà¥à¤¯à¤¿à¤•ाशà¥à¤°à¥€ चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤®à¤¤à¤¿ माताजी, आरà¥à¤¯à¤¿à¤•ा शà¥à¤°à¥€ दकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¿ माताजी à¤à¤µà¤‚ आरà¥à¤¯à¤¿à¤•ारतà¥à¤¨ शà¥à¤°à¥€ गौरवमति माताजी से आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लिया था।
शà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन ( सेठी )
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| जनà¥à¤® तिथि-जनà¥à¤® सà¥à¤¥à¤² | 8 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 1938 - तिनसà¥à¤•िया (आसाम) |
| पिता का नाम à¤à¤µà¤‚ पता | सà¥à¤µà¤°à¥à¤—ीय शà¥à¤°à¥€ हरकचनà¥à¤¦ जैन सेठी हरकचनà¥à¤¦ रोलर फà¥à¤²à¥‹à¤° मिलà¥à¤¸, सीतापà¥à¤° (उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) |
| शैकà¥à¤·à¤¿à¤• योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ | बी.कॉम - सेंट जेवीयरà¥à¤¸ कालेज, कोलकाता विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ |
| समà¥à¤®à¤¾à¤¨ | महासà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¥à¤¯à¤¤à¤¾ रजत महोतà¥à¤¸à¤µ में 4 जनवरी ’06 को शà¥à¤°à¤µà¤£à¤¬à¥‡à¤²à¤—ोल (करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤•) में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤¶à¥à¤°à¥€ चारà¥à¤•ीरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¤• महासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€à¤œà¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ‘शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤•रतà¥à¤¨à¤®à¤£à¤¿’ उपाधि से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ |
| संबंधित संसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ | राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· : शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन (धरà¥à¤® संरकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€) महासà¤à¤¾, लखनऊ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ 1894 - 3 जनवरी सनॠ1982 से निरनà¥à¤¤à¤° अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· निरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¿à¤¤à¥¤ शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन (तीरà¥à¤¥ संरकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€) महासà¤à¤¾,लखनऊ - सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 1998 से। शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन (शà¥à¤°à¥à¤¤ संवरà¥à¤§à¤¿à¤¨à¥€) महासà¤à¤¾, नई दिलà¥à¤²à¥€ - सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 2004 से। जैन राजनैतिक चेतना मंच सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¥€ संगीत कला अकादमी, नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ -सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 2014 समसà¥à¤¤ जैन संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं की समनà¥à¤µà¤¯ समिति, नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ - सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 2015 शà¥à¤°à¥€ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन कà¥à¤£à¥à¤¡à¤²à¤ªà¥à¤° वैशाली तीरà¥à¤¥ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° कमेटी, वैशाली, बिहार। शà¥à¤°à¥€ गोपाल दिगमà¥à¤¬à¤° जैन सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ संसà¥à¤•ृत महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, मà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¾ (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) इंटरनेशनल सेंटर फाॅर निगनà¥à¤¥ टà¥à¤°à¥‡à¤¡à¥€à¤¶à¤¨ परम संरकà¥à¤·à¤• : शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन महिला महासà¤à¤¾, नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ संरकà¥à¤·à¤• : शà¥à¤°à¥€ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन अयोधà¥à¤¯à¤¾ तीरà¥à¤¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° कमेटी रायगंज, अयोधà¥à¤¯à¤¾, उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ मंतà¥à¤°à¥€ : आर. à¤à¤®. पी. डिगà¥à¤°à¥€ कालेज, सीतापà¥à¤°, उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥¤ |
| निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¨ में पà¥à¤°à¤•ाशन शोध गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ पतà¥à¤°à¤¿à¤•ाà¤à¤‚: |
लखनऊ से पà¥à¤°à¤•ाशित : जैन गजट (हिनà¥à¤¦à¥€-à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤•) पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ तीरà¥à¤¥ जीरà¥à¤£à¥‹à¤‚दà¥à¤§à¤¾à¤° (मासिक) शà¥à¤°à¥à¤¤ संवरà¥à¤§à¤¿à¤¨à¥€ (मासिक) जैन महिलादरà¥à¤¶ (मासिक) विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ धारà¥à¤®à¤¿à¤•, पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ, शैकà¥à¤·à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ शोध गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ |
| धरà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾-अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨-यातà¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ | नारà¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ साउथ अमरीका, इंगà¥à¤²à¥ˆà¤£à¥à¤¡, यूरोप, जापान, मधà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¦à¥‚र-पूरà¥à¤µ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤ |
| पता | 5, खणà¥à¤¡à¥‡à¤²à¤µà¤¾à¤² जैन मनà¥à¤¦à¤¿à¤° कामà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¥à¤¸à¥à¤¸, राजा बाज़ार, शिवाजी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤® के पास, कनॉट पà¥à¤²à¥‡à¤¸, नई दिलà¥à¤²à¥€ - 110001 |
| फोन | 011-2334 4668, 2334 4669 |
| सेल | 098910 29717 |
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