उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ डॉ. गौतम मà¥à¤¨à¤¿ "पà¥à¤°à¤¥à¤®" का जीवन वृतà¥à¤¤
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जैन दिवाकरीय, मेवाड़ à¤à¥‚षण गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¤®à¤²à¤œà¥€ म.सा. के सà¥à¤¶à¤¿à¤·à¥à¤¯ आगम गौरव, जैन मारà¥à¤¤à¤£à¥à¤¡ मानव सेवा महरà¥à¤·à¤¿, दिकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¥‚षण, जिनशासन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•, दिवाकर गौरव, शà¥à¤°à¤®à¤£ संघीय उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤° डॉ.शà¥à¤°à¥€ गौतममà¥à¤¨à¤¨ जी म.सा. "पà¥à¤°à¤¥à¤®" का दीकà¥à¤·à¤¾ दिवस पर संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ जीवन वृतà¥à¤¤à¥¤
आपके जनà¥à¤¦à¥à¤® के पूरà¥à¤µ करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• गज केसरी पूजà¥à¤¯ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤°à¥ शà¥à¤°à¥€ गणेशीलाल जी महाराज विचरण करते हà¥à¤ धरà¥à¤®à¤¶à¥€à¤²à¤¾ माता के घर पर पधारे माताजी ने अपने हाथों से तो सà¥à¤ªà¤¾à¤¤à¥à¤° दान दिया। उनकी मà¥à¤– मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को देखकर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ गणेशीलालजी महाराज ने पूछा बहिन तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡ किस बात की चिंता है माता ने कहा गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ मेरे परिवार के कà¥à¤² को चलाने के लिठकोई कà¥à¤² दीपक नहीं है। à¤à¤¸à¥‡ समय गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ ने कहा चिंता मत कर तेरे तीन पà¥à¤¤à¥à¤° होंगे, उसमे से दो तेरे रहेंगे à¤à¤• मेरा होगा। यह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤µà¤¾à¤£à¥€ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ की शत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ सच हà¥à¤ˆà¥¤ तीन पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® हà¥à¤† विनोद कà¥à¤®à¤¾à¤°, दिनेश कà¥à¤®à¤¾à¤°, मनसà¥à¤– कà¥à¤®à¤¾à¤°à¥¤ दिनेश कà¥à¤®à¤¾à¤° का जनà¥à¤® आशà¥à¤µà¤¿à¤¨ शà¥à¤•à¥à¤² अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ विकà¥à¤°à¤® संवत 2018 को जालना महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° में हà¥à¤† जनà¥à¤® के 3-4 वरà¥à¤· बाद ही पिताशà¥à¤°à¥€ केशवलाल गोहेल का वियोग हà¥à¤†à¥¤ यह देख बालक दिनेश कà¥à¤®à¤¾à¤° को संसार की नशà¥à¤µà¤°à¤¤à¤¾ का आà¤à¤¾à¤¸ हà¥à¤† और वैरागà¥à¤¯ का बीज अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो गया। मेवाड़ à¤à¥‚षरà¥à¤£ पूजà¥à¤¯ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¤®à¤²à¤œà¥€ महाराज साहब विचरण करते हà¥à¤ जालना नगर पधारे। आपकी पारखी नजरों ने बालक दिनेश को देखकर हीरे की परख करली। गà¥à¤°à¥ पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ देने लगे, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¥‹à¤§ देने लगे, छोटी-छोटी धरà¥à¤® कथा सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ लगे, जिसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि गà¥à¤°à¥ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आकरà¥à¤µà¤£ बढ़ गया और गà¥à¤°à¥ के सानिधà¥à¤¯ को समय समय पर पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने लगे और संयम पथ की और कदम रख दिया। जब परिवार में पता चला तो बालक दिनेश की अनेक पà¥à¤°à¤•ार की परीकà¥à¤·à¤¾ ली गई और अंततः दीकà¥à¤·à¤¾ देने का आजà¥à¤žà¤¾ पतà¥à¤° à¤à¥€ दिया। à¤à¤¾à¤—वती दीकà¥à¤·à¤¾ महोतà¥à¤¸à¤µ 05 फरवरी 1976 माघ शà¥à¤•à¥à¤² पंचमी संवत 2032 (वसंत पंचमी) को सिकंदराबाद में कायवकà¥à¤°à¤® संपनà¥à¤¦à¥à¤°à¥ हà¥à¤†à¥¤ सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¤à¥€ शोà¤à¤¾ देवी à¤à¤µà¤® शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¾à¤¨ लूणकरण बोहरा जी ने धरà¥à¤® के माता-पिता बनने का सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया। मà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤·à¥ बालक की दीकà¥à¤·à¤¾ ससंपनà¥à¤¨ के बाद उनका नूतन नाम गौतम मà¥à¤¨à¤¿ रखा गया।
मेवाड़ à¤à¥‚षण गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤°à¥ पूजà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¤®à¤²à¤œà¥€ महाराज के सानिधà¥à¤¯ में नवदीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ गौतम मà¥à¤¨à¤¿à¤œà¥€ की बड़ी दीकà¥à¤·à¤¾ बोलारम सिकंदराबाद में संपनà¥à¤¨ हà¥à¤ˆà¥¤ गà¥à¤°à¥ पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¤®à¤²à¤œà¥€ महाराज के सानिधà¥à¤¯ में रहकर दसवैकालिक सूतà¥à¤° और अनेकों लावणीयां कंठसà¥à¤¥ की। पà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¤• गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ शà¥à¤°à¥€ हीरालालजी महाराज के सानिधà¥à¤¯ में 32 आगम का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और आगम धारणा को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया। उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ गà¥à¤°à¥à¤µà¤° करà¥à¤£à¤¾ के सागर पूजà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ कसà¥à¤¤à¥‚रचंदजी महाराज के सेवा में रहकर जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· शासà¥à¤¤à¥à¤° आदि विषोयों का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ हासिल किया। पà¥à¤°à¤°à¥à¤¤à¤µà¤• पूजà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ रमेश मà¥à¤¨à¤¿ जी महाराज साहब की सेवा में रहकर परीकà¥à¤·à¤¾ सà¥à¤¤à¤° पर à¤à¤® à¤, साहितà¥à¤¯ रतà¥à¤¨ - विषारद शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ सिदधांताचारà¥à¤¯ आदि पाथरà¥à¤¡à¥€ बोरà¥à¤¡ अहमदनगर से उतà¥à¤¤à¥€à¤£à¤µ किया। जिनदरà¥à¤¶à¤¨ में करà¥à¤®à¤µà¤¾à¤¦ पर चथिसिस लिखकर आपने पीà¤à¤šà¤°à¥à¤¡à¥€ की और रà¥à¤¡à¥‰à¤•à¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤Ÿ के पद से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ हà¥à¤à¥¤ आपके जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की विशाल, कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ और संयम की निषà¥à¤ ता को देख गà¥à¤°à¥ à¤à¤—वान आपको अनेकों पद और उपाधि से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया। जैसे महामंतà¥à¤°à¥€ मोहरॠमà¥à¤¨à¤¿ जी महाराज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 2006 में दिवाकर गौरव पद से वोà¤à¥à¤·à¤¿à¤¤ किया। वरिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤°à¥à¤¤à¤µà¤• रूपचंदजी महाराज साहब के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपपà¥à¤°à¤°à¥à¤¤à¤µà¤• व जैन मारà¥à¤¤à¤‚ड पद से आपको समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। पà¥à¤°à¤°à¥à¤¤à¤µà¤• शà¥à¤°à¥€ रमेश मà¥à¤¨à¤¿ जी महाराज के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जिनशान पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤• से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। आचारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤šà¤‚द जी महाराज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आपको आगम दिवाकर के पद से विà¤à¥‚षित किया। तà¥à¤°à¤¯à¤¨à¤—र हैदराबाद जैन शà¥à¤°à¥€ संघ के सानिधà¥à¤¯ 2014 में दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¥‚षण पद से आप को समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया।
पूना जैन शà¥à¤°à¥€ संघ के ततà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¾à¤¨ में आपको मानव सेवा महरà¥à¤·à¤¿ पद से विà¤à¥à¤·à¤¿à¤¤ किया गया। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ शà¥à¤°à¤®à¤£ संघ के चतà¥à¤°à¥à¤¥ पटà¥à¤Ÿà¤§à¤°, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¸à¤‚त, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ योगी आचारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ शिव मà¥à¤¨à¤¿ जी के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिवाकर जयंती कारà¥à¤¤à¤¿à¤• शà¥à¤•à¥à¤² तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ 17 नवंबर 2021 को उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ पद से अलंकृत किया गया। साहितà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में आपके दà¥à¤µà¤°à¤¾ संपादित और लिखित 65 से à¤à¥€ अधिक पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•े जैसे - बूंद बंद में सागर, कलयà¥à¤— के कलà¥à¤ªà¤¤à¤°à¥‚, ततà¥à¤µ तरंग, समाधान का सागर, जैन दरà¥à¤¶à¤¨ में करà¥à¤®à¤µà¤¾à¤¦, पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤‚ के घाट में समाधान का सागर, वचनामृत, पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤‚ का गà¥à¤²à¤¦à¤¸à¥à¤¤à¤¾, सावन में महकते गà¥à¤²à¤¾à¤¬ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•े पà¥à¤°à¤•ाशà¥à¤¤à¤¿ की गई। आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 22 मà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤·à¥à¤“ं को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करके संयम पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया गया अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ अपने मà¥à¤–ारविंद से à¤à¤—वती दीकà¥à¤·à¤¾ का पाठपढ़ाया। इसके अलावा कई मà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤·à¥à¤“ं के आजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¤à¥à¤° जारी कराने में आपकी महती à¤à¥‚मिका रही। आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अब तक 47 चातà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¸ में पूणव संपनà¥à¤¨ हà¥à¤à¥¤ आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ रहती है कि कोई à¤à¥€ बà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बिना मà¥à¤‚ह पतà¥à¤¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤• में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ न करें। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤• में किस तरह के कपड़े पहनना इसका विवेक बार-बार पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ में आप देते रहते हैं यह आप की विशेषता है। साधॠजीवन का कितना महतà¥à¤µ होता है, साधॠजीवन कैसा होता है लोगों को à¤à¤¿à¤•à¥à¤·à¥ दया करवा कर उसकी अनà¥à¤à¥‚ति à¤à¥€ चातà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¸ में करवाते रहे हैं। अनेक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में आपने जैन पाठशाला खोलने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ दी है ताकि आने वाली पीढ़ी संसà¥à¤•ारों से सà¥à¤¸à¤‚सà¥à¤•ारीत हो। आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 121 से à¤à¥€ अधिक साधकों को अंतिम समय संलेखना संथारा करवाया गया। लाखों बà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नशा छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ का आपने खूब पà¥à¤°à¥à¤·à¤¾à¤°à¥à¤¥ किया। कई बà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मांसाहारी से शाकाहारी बनाया। जैनेतरों को जिनतà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर जिनशासन से जोड़कर पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया। अनेक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में कई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤• अतिथि à¤à¤µà¤¨ आपकी विशेष पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से बनवाठगठहैं। चिकितà¥à¤¸à¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से कई असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² संचालित हो रहे है। आपकी ही पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से 350 से à¤à¥€ अधिक डायलिसिस मशीनों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नाम मातà¥à¤° के शà¥à¤²à¥à¤• पर सेवा दी जाती है और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रूप से अकà¥à¤·à¤® मरीजों को निशà¥à¤²à¥à¤• सेवा à¤à¥€ की जाती है। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की कई जेलों में कैदियों, अपराधियों को धारà¥à¤®à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ देने के लिठà¤à¤² ई डी रà¥à¤¡à¥€ टीवी का वितरण आप ही की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से किया जा रहा है। देव गà¥à¤°à¥ धरà¥à¤® की सेवा की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ दे हमेशा मानव सेवा और धरà¥à¤® के पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• आप रहे है। अनेकों गौशाला, पकà¥à¤·à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठदाना चà¥à¤—नी केंदà¥à¤° à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करवाà¤à¥¤ आज आपकी दीकà¥à¤·à¤¾ के 47 वरà¥à¤· पूरà¥à¤£ हो 48 वे वरà¥à¤· में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर रहे हैं। आपके दीकà¥à¤·à¤¾ दिवस पर हम आपके दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ संयम जीवन की मंगल कामना करते हैं। संघ समाज और परिवार को आपका आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ मिलता रहे। सादर नमन वंदन।
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लेखक :- सà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° मारू, इंदौर ( +91 98260 26001)
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