मानव जीवन के कà¥à¤› विधान ... विचारणीय
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| 1. |
खà¥à¤¦ पीछे रहना और दूसरों को आगे कर नेतृतà¥à¤µ करना बेहतर होता है, खासतौर पर तब, जब आप कà¥à¤› अचà¥à¤›à¤¾ होने पर जीत का जशà¥à¤¨ मना रहे हों। इसके विपरीत आप उस समय आगे आकर नेतृतà¥à¤µ संà¤à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‡, जब खतरे की शंका हो। तब लोग आपके नेतृतà¥à¤µ की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा करते हà¥à¤ उसको सà¥à¤µà¥€à¤•ार करेंगे। कà¥à¤¶à¤² नेतृतà¥à¤µ की विशेषता यही है कि जब वह सब लोग, जो आपके नेतृतà¥à¤µ को सà¥à¤µà¥€à¤•ारते हà¥à¤ आपके पीछे चल रहे हैं, सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करें और अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ व शतà¥à¤°à¥ पर विजय के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ हो। उनको आप की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, ईमानदारी और कà¥à¤¶à¤² नेतृतà¥à¤µ पर अटूट विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¤µà¤‚ पूरà¥à¤£ शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ होनी चाहिà¤à¥¤ यह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¤¸à¥‡ ही पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नही हो पाता। इसके लिठनिरंतर कठोर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¤µà¤‚ परिशà¥à¤°à¤® करना होता है। नेतृतà¥à¤µ करना तà¤à¥€ समà¥à¤à¤µ है, जब आपके हृदय में दूसरों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अगाध व निःसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ सà¥à¤¨à¥‡à¤¹, समà¥à¤®à¤¾à¤¨, संवेदनशीलता à¤à¤µà¤‚ ईमानदारी हो, à¤à¤µà¤‚ आप का खà¥à¤¦ अपनी सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ पर सकारातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण सहित पूरा à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ हो। |
| 2. |
जब तक आप न चाहें, तब तक आपको कोई à¤à¥€ ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾à¤²à¥, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥‹à¤§à¥€ या लालची नहीं बना सकता है। दूसरों से ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ करना, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥‹à¤§ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रखना तथा लालच करना, ये à¤à¤¸à¥‡ गà¥à¤£ हैं, जो सिरà¥à¤« उसको ही पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं जो सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही अपने मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤µà¤‚ हृदय से अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ दà¥à¤°à¥à¤¬à¤² होता है, à¤à¤µà¤‚ नकारातà¥à¤®à¤•ता का उचà¥à¤šà¤¤à¤® तथा निरंतर संचार करता है। à¤à¤¸à¥‡ लोग न कà¤à¥€ किसी दूसरे का à¤à¤²à¤¾ कर पाते हैं, और न ही होते देख सकते हैं। यदि सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हमारी सोच सकारातà¥à¤®à¤• है, à¤à¤µà¤‚ हमारा अंतरà¥à¤®à¤¨ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ है, तो किसी à¤à¥€ तरह का नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µ कोई à¤à¥€ बाहर से हम पर थोपनही सकता। अतः सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को सशकà¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ दृॠरूप से सकारातà¥à¤®à¤• रखिये। अपने मन के à¤à¥€à¤¤à¤° किसी à¤à¥€ तरह का कोई à¤à¥€ नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µ मत आने दीजिये। इसी में आपका तथा आपके परिवार का कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ है। |
| 3. |
मनà¥à¤·à¥à¤¯ की इचà¥à¤›à¤¾à¤“ं का पेट आज तक कोई à¤à¥€ नहीं à¤à¤° सका है। हमारी मूलà¤à¥‚त आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ सदैव ही सीमित रही हैं। जीवन को सामानà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ ढंग से जीने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ अति सीमित मूलà¤à¥‚त साधनो की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जो सामानà¥à¤¯ कौशल à¤à¤µà¤‚ परिशà¥à¤°à¤® से ही लगà¤à¤— सà¤à¥€ को उपलबà¥à¤§ हो जाते हैं। किनà¥à¤¤à¥ जब à¤à¥€ मूलà¤à¥‚त आवशà¥à¤¯à¤•ताओं पर हमारी अनावशà¥à¤¯à¤• इचà¥à¤›à¤¾à¤à¤‚ हावी होने लगती हैं, उपलबà¥à¤§ संसाधन à¤à¥€ तà¥à¤šà¥à¤› à¤à¤µà¤‚ कम पड़ने लगते हैं। हमारी इचà¥à¤›à¤¾à¤“ं के हमारी सोच पर हावी होते ही à¤à¤• कà¤à¥€ न समापà¥à¤¤ होने वाली à¤à¥‚ख हमारे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤µà¤‚ हृदय पर अपना वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µ कायम करते हà¥à¤ हमारी संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ को नषà¥à¤Ÿ कर देती है, और ये हवस ही निरंतर हमारे मन को विचलित तथा विकृत करती रहती है। जब हमारी इचà¥à¤›à¤¾à¤“ं की पूरà¥à¤¤à¤¿ नही हो पाती, जो किसी के लिठà¤à¥€ असंà¤à¤µ है, तो यह मनोवृतà¥à¤¤à¤¿ हमारे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ में नकारातà¥à¤®à¤•ता को उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करते हà¥à¤ à¤à¤• मनोविकार का सà¥à¤µà¤°à¥‚प ले लेती है। |
| 4. |
कà¥à¤°à¥‹à¤§ को जीतने में मौन सबसे बड़ा सहायक है। कà¥à¤°à¥‹à¤§ नकारातà¥à¤®à¤• आवेश का हिंसक सà¥à¤µà¤°à¥‚प है। कà¥à¤°à¥‹à¤§ करते समय कà¥à¤°à¥‹à¤§ करने वाले को कà¤à¥€ à¤à¥€ इतना समय नही मिल पाता है कि वह अपने कà¥à¤°à¥‹à¤§ के आधार व उसके मूल कारणों का तारà¥à¤•िक विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ कर सके और कà¥à¤°à¥‹à¤§ के आवेग में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किये जाने वाले शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन कर सके à¤à¤µà¤‚ उनके होने वाले नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤µà¤‚ हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के विषय में कोई à¤à¥€ पूरà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨ लगा सके। अतः बेहतर यही होगा कि इस अवसà¥à¤¥à¤¾ मे हम मौन रहे। मौन ही सकारातà¥à¤®à¤•ता को पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤µà¤¾à¤¯à¥ देगा, कà¥à¤°à¥‹à¤§ पर पूरà¥à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ करेगा à¤à¤µà¤‚ अनचाहे तरà¥à¤•- कà¥à¤¤à¤°à¥à¤• से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रकà¥à¤–ेगा। |
| 5. |
बिना कड़ी मेहनत के सफलता नहीं मिल सकती। जिस पà¥à¤°à¤•ार कà¥à¤¦à¤°à¤¤ चिड़ियों को à¤à¥‹à¤œà¤¨ तो अवशà¥à¤¯ देती है, पर उनके घोसले में नहीं डालती। उन को घोंसला बनाने के लिठतिनके à¤à¥€ अवशà¥à¤¯ देती है, किनà¥à¤¤à¥ à¤à¤• à¤à¤• तिनका बीन कर चिड़िया को खà¥à¤¦ लाकर घोंसला बनाना पड़ता है। उसी पà¥à¤°à¤•ार, हमारे लकà¥à¤·à¥à¤¯ जितने ही उतà¥à¤¤à¤®, उचà¥à¤š व पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होंगे, हमें उनको हासिल करने हेतॠशà¥à¤°à¤® à¤à¥€ उतना ही अधिक तथा उचà¥à¤š व पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ का करना होगा। सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के कड़े परिशà¥à¤°à¤® पर पूरà¥à¤£à¤¤à¤¯à¤¾ à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ रखते अपने आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ व दृॠनिशà¥à¤šà¤¯ को बनाये रखिà¤à¥¤ आपको अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ सफलता अवशà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होगी। |
| 6. |
à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को तà¥à¤°à¤‚त ही छोड़ देना चाहिà¤, जहाठधन तो है, लेकिन समà¥à¤®à¤¾à¤¨ नहीं। सारà¥à¤¥à¤• à¤à¤µà¤‚ सरà¥à¤µà¤¸à¥à¤µà¥€à¤•ृत यही है कि यदि समà¥à¤®à¤¾à¤¨ व आदर के साथ रूखा सूखा à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ मिले तो वह अमृत से à¤à¥€ अधिक पवितà¥à¤° à¤à¤µà¤‚ पावन है। इसके विपरीत यदि अनादर के साथ छपà¥à¤ªà¤¨ à¤à¥‹à¤— à¤à¥€ मिले, तो वह शरीर पर विष से à¤à¥€ अधिक घातक दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ करता है। अतः अपनी मान, मरà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾, व समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठसजग रहते हà¥à¤ उसकी संरकà¥à¤·à¤¾ के लिठनिरंतर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते रहना होगा। à¤à¤¸à¥‡ धन, वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ व संपतà¥à¤¤à¤¿ का परितà¥à¤¯à¤¾à¤— करना उतà¥à¤¤à¤® है, जिसमे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की हानि हो। |
| 7. |
पà¥à¤°à¤•ृति ने हमारे लिठवही विधान किया, जो हमारे लिठउचित था। उसने आज तक जो कà¥à¤› किया वह हमारे मंगल à¤à¤µà¤‚ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठही किया है। वासà¥à¤¤à¤µ में ना तो हमारा इस जीवन पर ही कोई नियंतà¥à¤°à¤£ है, और न ही अपनी निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मृतà¥à¤¯à¥ पर। कोई कब, कहाà¤, कैसे और किन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तथा विषमताओं में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होगा तथा समापà¥à¤¤ होकर नषà¥à¤Ÿ हो जाà¤à¤—ा, इसका नियंतà¥à¤°à¤£ पà¥à¤°à¤•ृति ने अपने पास ही रकà¥à¤–ा है। शरीर के आकार, पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤µà¤‚ रंग पर à¤à¥€ हमारा तनिक नियंतà¥à¤°à¤£ नही है। हमको जो à¤à¥€ मिला है, वह हर तरह से सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® है, इस सतà¥à¤¯ को सà¥à¤µà¥€à¤•ारते हà¥à¤ ही हमे अपने करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का पालन à¤à¤µà¤‚ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पूरà¥à¤£ निरà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¨ करना है। |
| 8. |
असतà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ का कद कितना à¤à¥€ ऊà¤à¤šà¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो, सतà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆ से हमेशा छोटा ही होता है। अपनी तातà¥à¤•ालिक सफलता अथवा लाठके लिठकà¤à¥€ à¤à¥€ सतà¥à¤¯ के उतà¥à¤¤à¤® à¤à¤µà¤‚ सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ के मारà¥à¤— का तà¥à¤¯à¤¾à¤— ना करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अंत में विजय हमेशा सतà¥à¤¯ की ही होती है। अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆ हमेशा दिल को सà¥à¤•ून देती है और दिमाग पर बोठनही पड़ने देती। यदि आप सतà¥à¤¯ के पकà¥à¤· में खड़े हैं तो विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ कीजिये, आप के मन à¤à¤µà¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की शकà¥à¤¤à¤¿ के विरà¥à¤¦à¥à¤§ संसार की सà¤à¥€ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कमज़ोर होंगी और विपकà¥à¤· बौना दिखाई देगा। सतà¥à¤¯ के मारà¥à¤— पर चलने वाला अनà¥à¤¤à¤¹à¥€à¤¨ विपकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण परेशान तो अवशà¥à¤¯ हो सकता है, किनà¥à¤¤à¥ पराजित कà¤à¥€ नही हो सकता। |
| 9. |
जब दिमाग कमजोर होता है, परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ समसà¥à¤¯à¤¾ बन जाती हैं। जब दिमाग सà¥à¤¥à¤¿à¤° होता है, परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ बन जाती हैं। किंतॠजब दिमाग मजबूत होता है, परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अवसर बन जाती हैं। सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ वही होती हैं, किनà¥à¤¤à¥ उनकी पà¥à¤°à¤•ृति à¤à¤µà¤‚ उनका हमारे ऊपर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हमारे मन à¤à¤µà¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की अवसà¥à¤¥à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बदलता रहता है। अतः सतà¥à¤¯ यही है कि हमारे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के जीवन की दिशा à¤à¤µà¤‚ दशा पूरà¥à¤£ रूप से हमारी सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की मनःसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर ही निरà¥à¤à¤° करती है। अपने मन à¤à¤µà¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को सदैव अपने नियंतà¥à¤°à¤£ में रखिये। सकारातà¥à¤®à¤• रहिये, नकारातà¥à¤®à¤• आचरण का परितà¥à¤¯à¤¾à¤— करिà¤à¥¤ आपकी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ ही आपके नियंतà¥à¤°à¤£ में आ जाà¤à¤‚गी। आपका आज का दिन अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ शà¥à¤, सà¥à¤–द à¤à¤µà¤‚ मंगलकारी हो। |
| 10. |
खà¥à¤¦ वो बदलाव बनिà¤, जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आप देखना चाहते हैं। किसी à¤à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ को किसी दूसरे में देखने के पहले, उस परिवरà¥à¤¤à¤¨ को सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ में लाइये। किसी दूसरे को कोई शिकà¥à¤·à¤¾ देने से पहले उसको सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने जीवन पर लागू करें। किसी à¤à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ को अपनाने हेतॠआप किसी को बाधà¥à¤¯ तो नही कर सकते, किनà¥à¤¤à¥ दूसरों को उस शिकà¥à¤·à¤¾ को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने हेतॠपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ कर सकते हैं, और उसके लिठआपको सà¥à¤µà¤¯à¤‚ à¤à¤• उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ व अनà¥à¤•रणीय मिसाल बनकर सब के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¸à¥à¤°à¥‹à¤¤ बनना होगा। |
| 11. |
जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और करà¥à¤® को à¤à¤• रूप में देखता है, वही सही मायने में जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ है। आप जà¥à¤žà¤¾à¤¨ व विदà¥à¤µà¤¤à¤¾ का संचय करते रहिये, अपने जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤•ोष को निरंतर बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ रहिये, किनà¥à¤¤à¥ यदि आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उस जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को करà¥à¤® की कसौटी पर नहीं कसा गया, अथवा उसका सदà¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ, परिवार, समाज à¤à¤µà¤‚ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हेतॠनही किया गया, तो जà¥à¤žà¤¾à¤¨ का कà¥à¤¯à¤¾ लाठव उपयोगिता। à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾à¤ƒ अà¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥€, खोखला à¤à¤µà¤‚ दमà¥à¤ यà¥à¤•à¥à¤¤ किताबी ही रह जाता है। वह जà¥à¤žà¤¾à¤¨, जिसे अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करके सरà¥à¤µà¤œà¤¨ हिताय पà¥à¤£à¥à¤¯ सतà¥à¤•रà¥à¤® में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ किया जा सके, वही सारà¥à¤¥à¤• है, तथा उसका साधक ही सही अरà¥à¤¥ में जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ व विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ कहा जायेगा। |
| 12. |
अगर बà¥à¤°à¤¾ वकà¥à¤¤ नहीं आता तो, अपनों में छिपे हà¥à¤ गैर और गैरों में छिपे हà¥à¤ अपने कà¤à¥€ नज़र नहीं आते। अचà¥à¤›à¤¾ और बà¥à¤°à¤¾ वकà¥à¤¤ हर किसी के साथ रहता है। लेकिन बà¥à¤°à¥‡ वकà¥à¤¤ में à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆ à¤à¥€ है। कषà¥à¤Ÿ मे हमे पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ किसी न किसी की मदद की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है, और यही à¤à¤• अवसर है जो हमे दूसरे लोगों की अपने पà¥à¤°à¤¤à¤¿ निषà¥à¤ ा की सतà¥à¤¯à¤¤à¤¾ से अवगत करा देता है। जो लोग केवल आप के सà¥à¤– के समय साथ देने वाले होंगे, वह लोग किसी ना किसी बहाने से आपके बà¥à¤°à¥‡ वकà¥à¤¤ में आपसे दूर ही रहने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेंगे। लेकिन जो आपके सचà¥à¤šà¥‡ मितà¥à¤° होंगे, आप का à¤à¤²à¤¾ चाहते होंगे, वह आपका साथ कà¤à¥€ नही छोड़ेंगे। वह आप की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, समय तथा कषà¥à¤Ÿ को देखकर नही, बलà¥à¤•ि आपकी जरूरतों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रख कर आपके कंधे से कंधा मिलाते हà¥à¤ खड़े होंगे। |
| 13. |
à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, जिसने कà¤à¥€ किसी से आशा नहीं की, वह कà¤à¥€ निराश à¤à¥€ नहीं हो सकता है। उसी पà¥à¤°à¤•ार जिसने कà¤à¥€ किसी से कोई अपेकà¥à¤·à¤¾ नही रकà¥à¤–ी, वह कà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को उपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ à¤à¥€ महसूस नही करता है। समाज à¤à¤µà¤‚ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पूरà¥à¤£ समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ अवशà¥à¤¯ रहिये, लेकिन उनसे कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होगा, à¤à¤¸à¥€ अपेकà¥à¤·à¤¾ अथवा आशा मत रखिये। निःसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ à¤à¤¾à¤µ से केवल अपने करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤µà¤¾à¤¹ करते रहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤–ी रहने का यही à¤à¤• मूलमंतà¥à¤° है। |
| 14. |
किसी के साथ किसी à¤à¥€ तरह की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता की कोई à¤à¥€ जरूरत नहीं है। आप जैसे à¤à¥€ हैं, सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ हैं, अतः पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने आपको सà¥à¤µà¥€à¤•ार करें। आपकी सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯à¤¤à¤¾ ही आपमे विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¤µà¤‚ आतà¥à¤®à¤¬à¤² का चार करेगी। इसके विपरीत यदि सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को ही तिरसà¥à¤•ृत करेंगे और खà¥à¤¦ में कमियां ढूंढेंगे, तो फिर दूसरे लोग पको किस तरह से à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सà¥à¤µà¥€à¤•ार कर पायेंगे। सतà¥à¤¯ यही है कि आप सà¥à¤µà¤¯à¤‚ में पà¥à¤°à¤à¥ की à¤à¤• अपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤® रचना हैं, जिसमें कोई खोट ढूंढना, ईशà¥à¤µà¤° के कृतितà¥à¤µ में कमियां निकालना होगा। हमारा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दी सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हम हैं, कोई और नही। हमको सà¥à¤µà¤¯à¤‚ से बेहतर बनना है। दिन-तिदिन खà¥à¤¦ में ही परिवरà¥à¤¤à¤¨ व सà¥à¤§à¤¾à¤° लाते हà¥à¤ खà¥à¤¦ को पहले से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकारातà¥à¤®à¤• तथा सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ बनाना है। |
| 15. |
आप à¤à¤• कप में चाय पी रहे हैं। कोई आता है आपसे टकराता है और चाय गिर जाती है। सवाल है चाय कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ गिरी ? आप कहेंगे वो टकराया इसलिà¤à¥¤ जवाब है - इसलिठगिरी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपके कप में चाय थी अगर कॉफी होती तो कॉफी गिरती। इसी तरह आपके जीवन में कोई ना कोई घटना आपसे टकराà¤à¤—ी। दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ होनी ही है। कà¥à¤¯à¤¾ छलकेगा इसपर निरà¥à¤à¤° करता है कि आपके कप में कà¥à¤¯à¤¾ है। कà¥à¤°à¥‹à¤§, अहंकार, घृणा, ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ या समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€, पà¥à¤°à¥‡à¤®, संयम ? वही छलकेगा जो à¤à¥€à¤¤à¤° होगा। ये घटनाà¤à¤‚ à¤à¤• तरह से आपकी ही परीकà¥à¤·à¤¾ है। à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤•िà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¤¾ है आपके à¤à¥€à¤¤à¤° ? |
| 16. |
आपकी मनोवृतà¥à¤¤à¤¿ ही आपकी महानता को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करती है। अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤, आपके मन के विचार, आपका दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण, आपकी सोच à¤à¤µà¤‚ आपके संसà¥à¤•ार ही आपके जीवन-सà¥à¤¤à¤° का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ करेंगे। आपका वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯, दोनो का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ आपके अपने हाथों में है। जीवन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जैसा आपका दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण तथा विचार होंगे, वैसी ही आपकी कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤µà¤‚ नीतियां हो जायेंगी। यही आपके जीवन की दिशा तथा दशा का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ करेंगी। दूसरों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपने दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण à¤à¤µà¤‚ सोच को सदैव सकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤µà¤‚ उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° का रकà¥à¤–ें। निरà¥à¤®à¤² तथा निषà¥à¤ªà¤¾à¤ª विचार समाज में उचित समà¥à¤®à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। याद रहे, आपके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ महानता आपके जीवन- काल के बाद à¤à¥€ निरनà¥à¤¤à¤° बनी रहती है। आपका आज का दिन अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ शà¥à¤, सà¥à¤–द, समृदà¥à¤§ à¤à¤µà¤‚ मंगलकारी हो। |
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21 मन सदैव से ही अशांत रहता है, और उसे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ कठिन है। लेकिन निरंतर अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से इसे वश में किया जा सकता है। यदि सब कà¥à¤› अचà¥à¤›à¤¾ हो रहा है, अपने मन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• हो रहा है, तो à¤à¥€ कोई न कोई जाना-अंजाना सा à¤à¤¯ मन को अशांत रखता है। और कà¥à¤› नही तो यह अपने अचà¥à¤›à¥‡ समय के समापà¥à¤¤ होने की आशंका से ही वà¥à¤¯à¤¥à¤¿à¤¤ होकर अशांत होने लगता है। इसके विपरीत जब à¤à¥€ कà¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अपने मन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• तथा अपनी योजना के अनà¥à¤°à¥‚प ना हों तो मन का वà¥à¤¯à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ अशांत होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है। किनà¥à¤¤à¥ जिसने अचà¥à¤›à¥€ व बà¥à¤°à¥€, दोनो परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर लिया,अपने मन व विचारों को शांत रखते हà¥à¤ सà¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं à¤à¤µà¤‚ अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं को à¤à¤•-रूपता से सà¥à¤µà¥€à¤•ार करने योगà¥à¤¯ बना लिया, वासà¥à¤¤à¤µ में वह ही सारà¥à¤¥à¤• साधक है। |
| 18. |
अपनी वाणी को जितना हो सके निरà¥à¤®à¤² और पवितà¥à¤° रखें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि संà¤à¤µ है कि कल आपको अपने बोले गये शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¯à¤‚ वापस लेना पड़े। निरà¥à¤®à¤² वाणी से मन जीते जाते हैं। हमारे शबà¥à¤¦ और उनको कहने का ढंग यदि कोमल à¤à¤µà¤‚ शालीन है तो हमारे विचार सीधे हृदय को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करेंगे। सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ वाला हमारे विचारों से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लेकर उनका पालन à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करेगा। किनà¥à¤¤à¥ यदि वही विचार कठोर à¤à¤µà¤‚ आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• वाणी दà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¾ कहे जाà¤à¤‚, तो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से उन विचारों को आरोपों के रूप में लिया जायेगा व à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरà¥à¤•ों-कà¥à¤¤à¤°à¥à¤•ों के साथ विवाद की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होगी। याद रखिये, यदि अपने कहे कठोर à¤à¤µà¤‚ कड़वे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को हमको वापिस लेना पड़ा तो सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हमारा हृदय ही अपमानित à¤à¤µà¤‚ वà¥à¤¯à¤¥à¤¿à¤¤ होगा। |
| 19. |
वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¥ बोलने की अपेकà¥à¤·à¤¾ मौन रहना यह वाणी की पà¥à¤°à¤¥à¤® विशेषता है, सतà¥à¤¯ बोलना वाणी की दूसरी विशेषता है, पà¥à¤°à¤¿à¤¯ बोलना वाणी की तीसरी विशेषता है और धरà¥à¤®à¤—त बोलना वाणी की चौथी विशेषता है। यह चारों ही कà¥à¤°à¤®à¤¶à¤ƒ à¤à¤• दूसरे से शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ है। |
| 20. |
जो मन से हार नहीं मानता उसे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की कोई ताकत हरा नहीं सकती। वासà¥à¤¤à¤µ में हमारी जीत का आधार हमारे अपने विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ से शà¥à¤°à¥‚ होता है। किसी à¤à¥€ कारà¥à¤¯ को करने से पहले यदि मन मे उसको सफलता पूरà¥à¤µà¤• संपनà¥à¤¨ करने का विचार à¤à¤µà¤‚ संकलà¥à¤ª हो तो उस कारà¥à¤¯ में सफल होना निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ है। इसके विपरीत यदि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करने से पहले ही आपने किसी कारà¥à¤¯ के होने में अड़चनों व परेशनियों की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ देख ली, तो उस कारà¥à¤¯ का संपनà¥à¤¨ होना लगà¤à¤— असंà¤à¤µ ही हो जाता है। अतः यदि सफलता हासिल करनी है तो पहले उसके लिठअपने मन, विचार व करà¥à¤® में सकारातà¥à¤®à¤•ता के साथ दृॠनिशà¥à¤šà¤¯ से संकलà¥à¤ª लेकर विजय तथा सफलता के मनोबल के साथ कारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठकरें। |
| 21. |
मà¥à¤¶à¥à¤•िलें वो चीज़ें होती हैं, जो हमें तब दिखती हैं, जब हमारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ पर नहीं होता। जब हमें पने किसी लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना है, तो हमें अपना पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ सिरà¥à¤« उस लकà¥à¤·à¥à¤¯ पर ही केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ उसे हासिल करने हेतॠपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ पर लगाना होगा। उन सà¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं पर विचार करना होगा जो उस लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में सहायक सिदà¥à¤§ हो। उस लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठहमारी मानसिक दृà¥à¤¤à¤¾, पूरà¥à¤£ सकारातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण व कड़ी मेहनत ही कारगर होगी। लकà¥à¤·à¥à¤¯à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§à¤¿ के अलावा किसी अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ या विकलà¥à¤ª पर विचार करना à¤à¥€ अपनी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ व पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ को लकà¥à¤·à¥à¤¯ से दूर ले जाकर à¤à¤Ÿà¤•ाना ही होगा। अतः लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के सकारातà¥à¤®à¤• विचार के साथ ही उसके लिठनिरनà¥à¤¤à¤° कठिन पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। मà¥à¤¶à¥à¤•िलें सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ ही समापà¥à¤¤ हो जाà¤à¤‚गी। |
| 22. |
हमारे अनà¥à¤¦à¤° सबसे बड़ी कमी यह है कि हम चीजों के बारे में बात जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करते हैं और काम कम| हमारी यही कमी हमको हमारे लकà¥à¤·à¥à¤¯ से à¤à¤Ÿà¤•ाते हà¥à¤ आलसà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ अकरà¥à¤®à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के जाल में फंसा देती है,जो अंततः हमको असफल बना देती है। अतः अपने जीवन को करà¥à¤®à¤ªà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ बनायें, वाक़पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ नही। पूरà¥à¤£ ईमानदारी से करà¥à¤® करते हà¥à¤ अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ की ओर निरनà¥à¤¤à¤° आगे बà¥à¤¤à¥‡ रहिये। तरà¥à¤• और कà¥à¤¤à¤°à¥à¤• ही करते रहे तो समठलीजिà¤, समय किसी की à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ नही करता। उसको तो बस अपनी गति से चलना है। वो आपके तरà¥à¤• के कसौटी पर खरा उतरने तक की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ नही कर सकता। à¤à¤• बार गà¥à¤£ à¤à¤µà¤‚ दोष का विचार करते हà¥à¤ लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कर लिया, फिर उसको हासिल करने हेतॠसिरà¥à¤« करà¥à¤® करिये, तरà¥à¤•-कà¥à¤¤à¤°à¥à¤• या बातें नही। *अहंकार और संसà¥à¤•ार में फरà¥à¤• है, अंहकार दूसरे को à¤à¥à¤•ाकर खà¥à¤¶ होता है। संसà¥à¤•ार सà¥à¤µà¤¯à¤‚ à¤à¥à¤•कर खà¥à¤¶ होता है।* |
| 23. |
अपने घटिया नज़रिये का अहसास हो जाने पर à¤à¥€ हम उसे बदलते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं ? वासà¥à¤¤à¤µ में यह मानव पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ है कि हमे कà¤à¥€ à¤à¥€ अपनी कोई à¤à¥€ कमी दिखाई नही देती। हम हमेशा दूसरों में ही कमियां ढूंढते रहते हैं। यह और कà¥à¤› नही वरन हमारा अपना अहं है, जो हमेशा सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से सही और दूसरों को गलत समà¤à¤¤à¤¾ है। इस खोखले और à¤à¥‚ठे अहंकार के कारण ही हम अपनी सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की कमियों का पता चलने पर à¤à¥€ उनके लिठदूसरों पर दोषारोपण हेतॠउसके कारणों को à¤à¥€ बाहर ही ढूंढते है। यह पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ ही हमारे नकारातà¥à¤®à¤• होने का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है, और अपने में विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ इसी नकारातà¥à¤®à¤•ता का हमे विरोध करना है। अपने आप से लड़ना है, अपनी कमियों à¤à¤µà¤‚ दोषों को पहचानना है à¤à¤µà¤‚ उनका विषà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करते हà¥à¤ आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¤à¤¨ तथा अनà¥à¤¤à¤°-अवलोकन करना है। अपने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के दोष ढूंढना यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ सबसे कठिन… |
| 24. | पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ में तीन पà¥à¤°à¤•ार के चरितà¥à¤° होते हैं -
à¤à¤• जो वह दिखाता है, दूसरा, जो उसके पास वासà¥à¤¤à¤µ में होता है, और तीसरा, जो वह सोचता है कि उसके पास है। हमारा पूरा जीवन इस तरह तिहरे चरितà¥à¤°à¥‹à¤‚ को जीते-जीते संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ अपने मूल सà¥à¤µà¤°à¥‚प को ही खो देता है। यदि हम सिरà¥à¤« दिखावे को तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर अपने अंदर की सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ को पहचाने, और उसी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ में जीवन जीने का साहस करें, तो ये हमारे मूल-चरितà¥à¤° को निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से पारदरà¥à¤¶à¥€, सहज, सरल à¤à¤µà¤‚ सरà¥à¤µ-सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ बना सकता है। अपने मूल चरितà¥à¤° में जीवन को जीने में ही आपके अदमà¥à¤¯ साहस का परिचय है। थोड़ा सा मà¥à¤¶à¥à¤•िल ज़रूर है, लेकिन असंà¤à¤µ नही। पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ तो करके देखिà¤à¥¤ |
| 25. |
सफल होने के लिà¤, सफलता की इचà¥à¤›à¤¾, असफलता के à¤à¤¯ से अधिक होनी चाहिà¤à¥¤ यह सतà¥à¤¯ है कि हमारे हर लकà¥à¤·à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ से पहले तक हमारे अनà¥à¤¦à¤° à¤à¤• à¤à¤¯ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रहता है। यह à¤à¤¯ होता है असफल होने का। अकà¥à¤¸à¤° यह अनजाना à¤à¤¯ ही हमारे सफलता हेतॠकिये गठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ को कà¥à¤·à¥€à¤£ कर देता है, जिससे हमारी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ सफलता à¤à¥€ संदिगà¥à¤§ हो जाती है। सफलता निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ करने का à¤à¤• ही रासà¥à¤¤à¤¾ है, "सफलता की इचà¥à¤›à¤¾ शकà¥à¤¤à¤¿" का इतना तीवà¥à¤° होना कि उसके समकà¥à¤· असफल होने के सà¤à¥€ तरह के à¤à¤¯ बौने हो जाà¤à¤‚। जब तक मन में सफलता हेतॠसंदिगà¥à¤§à¤¤à¤¾ रहेगी, किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ नही हो सकती। |
| 26. |
डर का ना होना साहस नही है, बलà¥à¤•ि डर पर विजय पाना साहस है। बहादà¥à¤° वह नहीं है जो à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ नहीं होता, बलà¥à¤•ि बहादà¥à¤° वह है जो इस à¤à¤¯ को परासà¥à¤¤ करता है। सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ यही है कि डर सब को लगता है। आपके पास जो à¤à¥€ है, वो कम हो या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾, उसको खोने का डर हमेशा रहता है। हानि होने का à¤à¤¯, फिर वो चाहे आरà¥à¤¥à¤¿à¤• हानि हो, सामाजिक व पारिवारिक पीड़ा हो या पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ हो, सà¤à¥€ को मानसिक रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¥œà¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ सशंकित रखता है। जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने इस डर पर काबू पा लिया, अपनी किसी à¤à¥€ तरह की हानि होने से विचलित न होने का साहस पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लिया, आने वाली किसी à¤à¥€ परेशानी अथवा मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ का डटकर सामना करने का जज़à¥à¤¬à¤¾ पैदा कर लिया, सही अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में वह ही साहसी व सफल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ का धनी है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में कोरोना महामारी के काल में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में à¤à¤¸à¥‡ ही जजà¥à¤¬à¥‡ à¤à¤µà¤‚ साहस की अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤•ता है। |
| 27. |
नकली सà¥à¤– की बजाय ठोस उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पीछे समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ रहिà¤à¥¤à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤– या पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾, जो केवल à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ पर ही निरà¥à¤à¤° रहता है, और सिरà¥à¤« हमारे सà¥à¤¥à¥‚ल शरीर को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, वो कà¤à¥€ à¤à¥€ सतà¥à¤¯ पर आधारित वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤– अथवा लाठनही हो सकता। à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤– कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤·à¤£à¤à¤‚गà¥à¤° होता है, और समय à¤à¤µà¤‚ अवसर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसकी पà¥à¤°à¤•ृति à¤à¥€ बदलती रहती है। à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤– की इचà¥à¤›à¤¾ à¤à¥€ कà¤à¥€ समापà¥à¤¤ नही होती, बलà¥à¤•ि पूरà¥à¤¤à¤¿ के साथ और बà¥à¤¤à¥€ ही जाती है। इसके विपरीत ठोस à¤à¤µà¤‚ पूरà¥à¤£ सतà¥à¤¯ पर आधारित वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चाहे आपके à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• सà¥à¤– में कोई तातà¥à¤•ालिक वृदà¥à¤§à¤¿ ना करें, किनà¥à¤¤à¥ आपके मन à¤à¤µà¤‚ आतà¥à¤®à¤¾ को संतोष पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हà¥à¤ अनà¥à¤à¥‚ति दिलाती हैं कि आपने अपने जीवन के उन लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लिया है, जो आपको और आपके परिवार को समाज मे समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के साथ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करेंगे। लकà¥à¤·à¥à¤¯à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§à¤¿ न केवल आपकी जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ को शांत करती है, बलà¥à¤•ि आपको चिरसà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ आतà¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤– व संतोष पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर मन à¤à¤µà¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को पूरà¥à¤£ रूप से आनंदित करती है। |
| 28. |
मन सदैव से ही अशांत रहता है, और उसे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ कठिन है। लेकिन निरंतर अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से इसे वश में किया जा सकता है। यदि सब कà¥à¤› अचà¥à¤›à¤¾ हो रहा है, अपने मन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• हो रहा है, तो à¤à¥€ कोई न कोई जाना-अंजाना सा à¤à¤¯ मन को अशांत रखता है। और कà¥à¤› नही तो यह अपने अचà¥à¤›à¥‡ समय के खतà¥à¤® होने की आशंका से ही वà¥à¤¯à¤¥à¤¿à¤¤ होकर अशांत होने लगता है। इसी तरह जब कà¤à¥€ कà¥à¤› अपने मन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• या अपनी योजना के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ना हो रहा हो, तो à¤à¥€ मन का वà¥à¤¯à¤¥à¤¿à¤¤ व अशांत होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है। किनà¥à¤¤à¥ जिसने अचà¥à¤›à¥€ व बà¥à¤°à¥€, दोनो परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर लिया,अपने मन व विचारों को शांत रखते हà¥à¤ सà¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं à¤à¤µà¤‚ अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं को à¤à¤•-रूपता से सà¥à¤µà¥€à¤•ार करने योगà¥à¤¯ बना लिया, वासà¥à¤¤à¤µ में वह ही सारà¥à¤¥à¤• साधक है। |
| 29. |
दूसरों का मज़ाक़ बनाना मानव सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ है। जब à¤à¥€ किसी को मौका मिलता है, वह दूसरे को नीचा दिखाने के लिठकोई मौका नही चूकता। परनà¥à¤¤à¥ कà¤à¥€-कà¤à¥€ हमारी à¤à¤¦à¥à¤¦à¥€ या असमय मज़ाक़ के रूप में की गई अà¤à¤¦à¥à¤° टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ सदैव के लिये समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥‹à¤‚ में कटà¥à¤¤à¤¾ का कारण बन जाती है। महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ का यà¥à¤¦à¥à¤§ इसका साकà¥à¤·à¥€ है। कमजोर से कमजोर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ अपने पर की गई अपमानजनक टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ को उस समय तो बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ कर लेता है, परनà¥à¤¤à¥ उसके हà¥à¤°à¤¦à¤¯ में सदैव टीस रहती है। वह वक़à¥à¤¤ का इंतज़ार करता है व उसको जब à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ार करने का अवसर मिलता है, अवशà¥à¤¯ करता है। अतः वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¥ की टीका - टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ से बचना चाहिà¤, और अगर à¤à¤¸à¤¾ कà¤à¥€ हो à¤à¥€ जाठतो बिना किसी तरà¥à¤• के, सचà¥à¤šà¥‡ मन से कà¥à¤·à¤®à¤¾à¤¯à¤¾à¤šà¤¨à¤¾ कर लेनी चाहिये। हमारा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° ही हमारे चरितà¥à¤° का दरà¥à¤ªà¤£ है। |
| 30. | असफलता के बाद à¤à¥€ दूसरा सपना देखने के हौसले को ही “जीवन” कहते हैं। असफल होने का अरà¥à¤¥ हारना नही है। असफलता सिरà¥à¤« यह इंगित करती है कि सफलता हेतॠपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ पूरे मन से नही किये गà¤, अथवा आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ व संकलà¥à¤ª में कोई कमी रह गई होगी। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• नव-दिवस का सà¥à¤µà¤¾à¤—त इस विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ के साथ करें कि सफलता के लिठपूरे मन से पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किये जायेंगे व असफलताओं से कà¤à¥€ निराश à¤à¤µ परासà¥à¤¤ नही होंगे, और ना ही कà¤à¥€ किसी से हार मानेंगे। |
| 31. |
बिना संघरà¥à¤· कोई महान नहीं बनता है। ज़िनà¥à¤¦à¤—ी जीने के लिठसंघरà¥à¤· तो करना ही पड़ता है। परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ हमारे हाथ में नहीं रहती है परनà¥à¤¤à¥ हमारी मन:सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तो हमारे अपने वश में है। आवशà¥à¤¯à¤•ता है मनःसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर नियंतà¥à¤°à¤£ की। मन:सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखने वाला हर परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सहजता से ही आननà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लेता है। जो पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा से पिंघलता नहीं, आलोचना से उबलता नहीं, वह जीने का आनंद पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लेता है। "जो पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है - वह परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है" मानने वाला ही संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ रहता है। |
| 32. |
निरà¥à¤®à¤¾à¤£ केवल पहले से मौजूद चीजों का पà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ªà¤£ है। यह सतà¥à¤¯ है कि इस सृषà¥à¤Ÿà¤¿ में जो कà¥à¤› à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ है, उस को ना तो समापà¥à¤¤ ही किया जा सकता है, और ना ही उसका उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ या निरà¥à¤®à¤¾à¤£ ही किया जा सकता है। वासà¥à¤¤à¤µ में पà¥à¤°à¤•ृति दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जो पहले से पà¥à¤°à¤¦à¤¤à¥à¤¤ है, उसको अपने उपयोग में लाने के लिठउसके सà¥à¤µà¤°à¥‚प, सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तथा सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ ही निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¤µà¤‚/अथवा उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ है। वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• निरà¥à¤®à¤¾à¤£à¤•रà¥à¤¤à¤¾ तो पà¥à¤°à¤•ृति है, जो साकà¥à¤·à¤¾à¤¤ ईशà¥à¤µà¤° का सà¥à¤µà¤°à¥‚प है। हमारे सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ की सीमा तो सिरà¥à¤« उपलबà¥à¤§ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं के गà¥à¤£ व सà¥à¤µà¤°à¥‚प में परिवरà¥à¤¤à¤¨ तक की है। जब हम à¤à¤• सीमा से अधिक जा कर पà¥à¤°à¤•ृति का दोहन करते हà¥à¤ उस का संतà¥à¤²à¤¨ बिगाड़ देते हैं, तो फिर हमारे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के लिठà¤à¥€ खतरा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाता है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ काल की महामारी शायद इसी ओर इंगित कर रही है। |
| 33. | कà¥à¤°à¥‹à¤§ से मूढ़ता उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, मूढ़ता से सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚त हो जाती है, सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚त हो जाने से बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ का नाश हो जाता है, और बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ नषà¥à¤Ÿ होने पर पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही नषà¥à¤Ÿ हो जाता है। सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से पतन के मूल में सिरà¥à¤« कà¥à¤°à¥‹à¤§ ही है। आपका कà¥à¤°à¥‹à¤§ आपको समूल रूप से नषà¥à¤Ÿ करने में सकà¥à¤·à¤® है। यही जीवन में चहà¥à¤ ओर कà¥à¤²à¥‡à¤¶, वैर, नकारातà¥à¤®à¤•ता à¤à¤µà¤‚ हानि पहà¥à¤‚चाने में समरà¥à¤¥ है। तो फिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न पतन से पहले ही उसके मूल को नियनà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¤ कर लिया जाà¤, अथवा उसे पूरà¥à¤£ रूप से नषà¥à¤Ÿ कर दिया जाà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ कीजिये, कà¥à¤› à¤à¥€ असंà¤à¤µ नही है। पतन में जाने से बचना पà¥à¤°à¤—ति की पहली सीà¥à¥€ है। उस पर पांव रखने में जरा सा à¤à¥€ संशय ना करें। अपने कà¥à¤°à¥‹à¤§ पर पूरà¥à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ रकà¥à¤–ें। |
| 34. |
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे बेहतरीन रिशà¥à¤¤à¤¾ वहीं होता है, जहाठà¤à¤• हलà¥à¤•ी सी मà¥à¤¸à¥à¤•राहट और छोटी सी माफ़ी से ज़िनà¥à¤¦à¤—ी दोबारा पहले जैसी हो जाती है* |
| 35. |
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾à¤“ं से बड़ी कोई विपतà¥à¤¤à¤¿ नहीं है, और लालच से बड़ा कोई अमंगल नहीं है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¥€ होना चाहिà¤, पà¥à¤°à¤—ति के पथ की यह पहली सीà¥à¥€ है। बिना किसी à¤à¥€ सपने या महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾ के ना तो लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होते हैं, और ना ही उनको पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिल पाती है। किनà¥à¤¤à¥ अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¤µ सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ से अधिक की महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾ रख कर आवशà¥à¤¯à¤•ता से अधिक के लिठà¤à¤• सीमा से अधिक जाकर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना घातक हो सकता है। यह लालच की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है, जो नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है, और मनà¥à¤·à¥à¤¯ को निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ पतन की ओर ले जाता है। |
| 36. |
जीवन में घटित होने वाली सामानà¥à¤¯ घटनाओं के साथ साथ होने वाली दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं à¤à¤µà¤‚ हादसों में à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° बड़े महतà¥à¤µ के नैतिक पहलू छिपे हà¥à¤ होते हैं। हमें उन दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं को à¤à¥€ à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ और जीवन की सीख की तरह लेना चाहिठऔर उनसे सबक लेते हà¥à¤ ही अपने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की नीतियों à¤à¤µà¤‚ लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤ ये सà¤à¥€ होने वाले तथाकथित हादसे à¤à¤µà¤‚ दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ हमारे जीवन की दिशा को पà¥à¤¨à¤ƒ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने हेतॠही होती हैं, और उनका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ हमारी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं को और अधिक विकसित करते हà¥à¤ जीवन को गतिशील à¤à¤µà¤‚ करà¥à¤®à¤ बनाना à¤à¤µà¤‚ सही दिशा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना होता है। |
| 37. | दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ होना नहीं बलà¥à¤•ि जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ का महतà¥à¤µ होता है। दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ होना सà¥à¤µà¤¯à¤‚ मे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह जीवन सिरà¥à¤« à¤à¤• बार ही मिलता है। इसको जितना अधिक जी सकें, उतना ही अचà¥à¤›à¤¾ है। किंतॠइस जीवन को कितनी सकारातà¥à¤®à¤•ता से व परमारà¥à¤¥ हेतॠजिया, इस बात का महतà¥à¤µ दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ होने से कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। यदि हमने अपने उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ नही की, घर, परिवार, समाज à¤à¤µà¤‚ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ के लिठकोई योगदान नही दिया, किसी रोते हà¥à¤ मासूम चेहरे पर मà¥à¤¸à¥à¤•ान नही ला सके, और सिरà¥à¤« सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¤µà¤¶ रहते हà¥à¤ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में ही लीन रहे, तो à¤à¤¸à¥‡ जीवन का कोई महतà¥à¤µ नही रह जाता। गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ जीवन को वà¥à¤¯à¤¤à¥€à¤¤ करना दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ होने से कही अधिक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£, आवशà¥à¤¯à¤• à¤à¤µà¤‚ सारà¥à¤¥à¤• है। जीवन à¤à¤¸à¤¾ सरà¥à¤µ-जन-हिताय व सकारातà¥à¤®à¤• होना चाहिà¤, कि लोग आपके जाने के बाद à¤à¥€ आपकी कमी महसूस करते रहें। |
| 38. |
हमें जो कà¥à¤› à¤à¥€ आकरà¥à¤·à¤• और सà¥à¤‚दर दिखता है, वह सदैव सतà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ à¤à¥€ हो, यह आवशà¥à¤¯à¤• नहीं है। हर चमकती हà¥à¤ˆ धातॠसोना अथवा चांदी ही हो, यह आवशà¥à¤¯à¤• नही है। किनà¥à¤¤à¥ जो कà¥à¤› à¤à¥€ सतà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ है, सरल है, वह सदैव ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤, मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤• à¤à¤µà¤‚ विशिषà¥à¤Ÿ ही होगा, यह सरà¥à¤µà¤®à¤¾à¤¨à¥à¤¯ सतà¥à¤¯ है। अतः जीवन में हमेशा उन लोगों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ ही आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हों, तथा उन लोगों को ही पसंद करें, जिनकी सोच व मन सरल, सतà¥à¤¯, पारदरà¥à¤¶à¥€ à¤à¤µà¤‚ शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ हैं, तथा जिन लोगों के चेहरे से अधिक उनके विचार, चरितà¥à¤°, व संसà¥à¤•ार आकरà¥à¤·à¤• à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¦à¤‚र हैं। यह तथà¥à¤¯ हमेशा याद रखिये कि मन तथा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¤¤à¤¾ से बॠकर कà¥à¤› à¤à¥€ सà¥à¤‚दर à¤à¤µà¤‚ आकरà¥à¤·à¤• नही हो सकता। |
| 39. |
जिस समय जिस काम के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾ करो, ठीक उसी समय पर उसे पूरा करना ही चाहिà¤, नहीं तो लोगों का आप पर से विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ उठजाà¤à¤—ा। आपकी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ ही आप की à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पूंजी है, जिससे आप को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ मिलता है। अपनी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ बनाये रखने के लिठयह आवशà¥à¤¯à¤• है कि हम कोई à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾ अथवा संकलà¥à¤ª लेने के बाद उसे पूरी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ के साथ निà¤à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚। यह समाज हमको धिकà¥à¤•ारने, पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¥œà¤¿à¤¤ करने व दोषी साबित करने के लिठहमारी सिरà¥à¤« à¤à¤• गलती व लापरवाही की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करता है। हम अपना à¤à¤°à¤¸à¤• पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि किसी को à¤à¥€ यह अवसर ही ना मिले। इसके लिठआवशà¥à¤¯à¤• है कि हम अपनी की गई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤“ं, वादों à¤à¤µà¤‚ संकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ को पूरी ईमानदारी à¤à¤µà¤‚ शिदà¥à¤¦à¤¤ से दी गई समयावधि में निà¤à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚। |
| 40. |
जब तक आप किनारे को छोड़ कर नहीं जाà¤à¤‚गे, तब तक आप समà¥à¤¦à¥à¤° पार नहीं कर सकते। |
| 41. |
कोई इतना अमीर नहीं होता कि वो अपना बीता हà¥à¤† वकà¥à¤¤ खरीद सके, और कोई इतना गरीब à¤à¥€ नहीं होता कि सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने आने वाले समय को न बदल सके। जो घटनायें घटित हो चà¥à¤•ी हैं, वो चाहे शà¥à¤ रही हो या अशà¥à¤, अचà¥à¤›à¥€ या बà¥à¤°à¥€, लाख पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करके à¤à¥€ उनको बदला नही जा सकता। कोई कितना à¤à¥€ पराकà¥à¤°à¤®à¥€, बलवान, बाहà¥à¤¬à¤²à¥€ या धनवान कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो, गà¥à¤œà¤°à¥‡ वक़à¥à¤¤ को कोई à¤à¥€ वापस नही ला सकता, और न ही उस समय घटित हà¥à¤ˆ घटनाओं में कोई बदलाव ही ला सकता है। किनà¥à¤¤à¥ जो अà¤à¥€ घटित नही हà¥à¤†, जो अà¤à¥€ लिखा या कहा ही नही गया, उस पर तो अà¤à¥€ हमारा पूरà¥à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ है। à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ को तो अà¤à¥€ संà¤à¤¾à¤²à¤¾ à¤à¤µà¤‚ संवारा ही जा सकता है। कोई कितना à¤à¥€ निरà¥à¤¬à¤²,निरà¥à¤§à¤¨ व असहाय कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो, उससे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ उसका à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ लिखने व सवांरने का अधिकार तो कोई à¤à¥€ नही ले सकता। अब यह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ उस पर ही निरà¥à¤à¤° करता है कि वह अपने लिठकिस तरह का तथा कैसा à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ लिखना चाहता है। |
| 42. |
यह à¤à¤• अकाटà¥à¤¯ सतà¥à¤¯ है कि, à¤à¤• सचà¥à¤šà¤¾ शà¥à¤ चिंतक आपके हर तरह के गà¥à¤£-दोष का विशà¥à¤¦à¥à¤§ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करके आपको बताता है, और फिर आपके दोषों को दूर करने का सचà¥à¤šà¥‡ मन व ईमानदारी से पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है। मगर ‘धोखा’देने वाला सिरà¥à¤« आपको अचà¥à¤›à¥€ लगने वाली बातें ही करता है। जो आपसे सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ रखता है, वह हमेशा आपका à¤à¤²à¤¾ चाहेगा, और आपकी अचà¥à¤›à¥€-बà¥à¤°à¥€ हर तरह की बात आपसे करके आपके गà¥à¤£ दोष दोनो आपको बताà¤à¤—ा, और कोशिश करेगा कि आपके सà¤à¥€ दोष दूर हो और आप पूरà¥à¤£ रूप से दोषमà¥à¤•à¥à¤¤ होकर गà¥à¤£à¥€ बने और सरà¥à¤µà¤¤à¥à¤° आपकी पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯à¤¤à¤¾ हो। इसके विपरीत आपको धोखा देकर दगा करने वाला सिरà¥à¤« अपनी सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ सिदà¥à¤§à¤¿ हेतॠआपका उपयोग करना चाहेगा। इसके लिठवह सदैव सिरà¥à¤« आपको अचà¥à¤›à¥€ लगने वाली बातें ही कहेगा। आपके दोष या कमियों को दूर करने की कोशिश नही करेगा। और अपना सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ सिदà¥à¤§ होते ही वह आपको आपके हाल पर छोड़ कर चला जायेगा। |
| 43. |
मूरà¥à¤– मनà¥à¤·à¥à¤¯ कà¥à¤°à¥‹à¤§ को जोर-शोर से पà¥à¤°à¤•ट करते हैं, किंतॠबà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ मनà¥à¤·à¥à¤¯ शांति से उसे वश में करते हैं। ये सहज है कि किसी न किसी बात पर कà¤à¥€ ना कà¤à¥€ सà¤à¥€ को कà¥à¤°à¥‹à¤§ आता है। किंतॠकà¥à¤°à¥‹à¤§ के उन कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° ही आपके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ का सटीक परिचय देता है। साधारणतयः संकीरà¥à¤£ सोच के ही लोग कà¥à¤°à¥‹à¤§ आने पर कà¥à¤°à¥‹à¤§ को जोर शोर से पà¥à¤°à¤•ट करके अपना पà¥à¤°à¤à¥à¤¤à¥à¤µ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करते हैं, जो सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ नही रहता। à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के लोग नितांत मूरà¥à¤–, नकारातà¥à¤®à¤• सोच à¤à¤µà¤‚ à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ के होते हैं। इसके ठीक विपरीत बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कà¥à¤°à¥‹à¤§ के कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पर पूरà¥à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ रखते हà¥à¤ शांत-चितà¥à¤¤ रहकर कà¥à¤°à¥‹à¤§ के मूल कारणो का पता लगाने का ईमानदार पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करते हैं, और फिर उसको दूर करने का सारà¥à¤¥à¤• तथा ईमानदार पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। |
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हम महानता के सबसे करीब तब होते हैं जब हम विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾ में महान होते हैं। धनबल, बाहà¥à¤¬à¤² अथवा अनà¥à¤¯ किसी हिंसक कृतà¥à¤¯ से ततà¥à¤•ाल लाठव समरà¥à¤ªà¤£ तो हासिल कर सकते हैं, किनà¥à¤¤à¥ यह समरà¥à¤ªà¤£ व लाठनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से ही कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤•, तातà¥à¤•ालिक à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¹à¥€à¤¨ होगा व बल के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के समापà¥à¤¤ होते ही यह ना केवल सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ समापà¥à¤¤ हो जाà¤à¤—ा, बलà¥à¤•ि पहले से à¤à¥€ कहीं अधिक शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ व कटà¥à¤Ÿà¤° शतà¥à¤°à¥ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर देगा। इस के विपरीत विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾ से हम दिलों को जीत सकते हैं। विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करने से दोनो पकà¥à¤·à¥‹à¤‚ की तरफ से सà¥à¤µà¤¯à¤®à¥‡à¤µ ही सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ समरà¥à¤ªà¤£ होता है, कोई अंतरà¥à¤µà¤¿à¤°à¥‹à¤§ या लाग-लपेट नही होता है। जितना ही अधिक विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾ का à¤à¤¾à¤µ होगा, समरà¥à¤ªà¤£ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ उतनी ही तीवà¥à¤° à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ होगी। विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾ ही मानव मातà¥à¤° को महान बनाती है, जो अकà¥à¤·à¥à¤£à¥à¤£ à¤à¤µà¤‚ चिरसà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रहती है। जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के लिठकिये गठनिवेश में हमेशा अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। जà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पूंजी है जिसे ना तो कोई छीन सकता है और ना ही चà¥à¤°à¤¾ सकता है। यह सदा साथ रहने वाला à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ निवेश है, जो हर देश, काल à¤à¤µà¤‚ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में साथ देता है। इस अति-विशिषà¥à¤Ÿ पूंजी से आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो कर अनà¥à¤¯ लाठतथा सेवाà¤à¤‚ सà¥à¤µà¤¯à¤®à¥‡à¤µ ही उपलबà¥à¤§ हो जाती हैं। उनके लिठकोई बहà¥à¤¤ खास पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ नही करना पड़ता। जà¥à¤žà¤¾à¤¨ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही हर तरह की पूंजी, लाठà¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने वाला मूल कारक है। हमारा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ यह होना चाहिठकि हम इस पूंजी के पà¥à¤°à¤•ाश से जन-जन को आलोकित करते हà¥à¤ इसका हर सà¥à¤¤à¤° पर उपयोग करें। यह निरà¥à¤¬à¤¾à¤§ à¤à¤µà¤‚ असीमित मातà¥à¤°à¤¾ में निरनà¥à¤¤à¤° फल पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सà¥à¤– देने वाला अदà¥à¤à¥à¤¤ निवेश है। निरंतर व अंतिम कà¥à¤·à¤£ तक जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने की जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ को अकà¥à¤·à¥à¤£à¥à¤£ रकà¥à¤–ें। |
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बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को समाज कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठबिना आसकà¥à¤¤à¤¿ के काम करना चाहिà¤à¥¤ आसकà¥à¤¤à¤¿ का अरà¥à¤¥ है जहाठसà¥à¤µà¤¯à¤‚ का हित समाहित हो। हमें सब के कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ हेतॠही करà¥à¤® करना है व हमारा हर कृतà¥à¤¯ सरà¥à¤µà¤¤à¥à¤° समाज के समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ हित हेतॠहोना चाहिà¤à¥¤ समाज के कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ का अरà¥à¤¥ है, सब के लिये समान रूप से लाठदेने वाला। यदि हमारे हृदय में आसकà¥à¤¤à¤¿ आ गई, चाहे वह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के लाठहेतॠहो अथवा अपने किसी पà¥à¤°à¤¿à¤¯ या संबंधी के पà¥à¤°à¤¤à¤¿, तो हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया कारà¥à¤¯ तथा सेवा सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने अथवा उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ विशेष के हित को साधने हेतॠही होगी, जिसके साथ ही सरà¥à¤µ-समाज की सेवा अथवा समाज के हित की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को आघात पहà¥à¤‚चेगा। अतः जब à¤à¥€ समाज के हित की बात हो तो आसकà¥à¤¤à¤¿ से दूर रहें। |
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नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ विपरीत पाया धन, वासà¥à¤¤à¤µ में धन नहीं है, वरन नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। à¤à¤¸à¤¾ कोई à¤à¥€ लाठअथवा सहायता, जिसके नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¸à¤‚गत पातà¥à¤° आप नही बलà¥à¤•ि कोई और है, और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤µà¤¿à¤°à¥à¤¦à¥à¤§ वह आपको दिया जा रहा है, तो विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ कीजिये, वह लाठया सहायता आपके निरनà¥à¤¤à¤° पतन à¤à¤µà¤‚ पराà¤à¤µ का ना केवल पà¥à¤°à¤¥à¤® चरण है, बलà¥à¤•ि वह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में आपकी पराजय तथा विनाश का मूल कारण à¤à¥€ बनेगा। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤µà¤¿à¤°à¥à¤¦à¥à¤§ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ धन à¤à¤µà¤‚ लाठअपने साथ ना केवल नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ लेकर आता है, अपितॠवह उसके नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¸à¤‚गत पातà¥à¤° की उन आहों à¤à¤µà¤‚ बददà¥à¤†à¤“ं को à¤à¥€ लेकर आता है, जो अंतहीन à¤à¤µà¤‚ निरंतर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• हानि के साथ ही समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤² के पराà¤à¤µ का कारण à¤à¥€ बनती है। अतः नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के विपरीत पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होने वाले धन à¤à¤µà¤‚ लाठको अपने à¤à¤µà¤‚ अपने परिवार के जीवन से दूर ही रखना शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¸à¥à¤•र होगा। |
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सबसे बड़ा अपराध है अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ सहना और गलत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ करना यह नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤µà¤‚ पलायनवादी दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण है| जब हम किसी शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€,पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ किंतॠनकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ सहते हैं तो, यह अपने आप पर सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¥œà¤¨à¤¾ करने के समान है। यह हमारे à¤à¥€à¤¤à¤° नकारातà¥à¤®à¤•ता को जनà¥à¤® देकर हमको हिंसक बनाती है, और हम बदले में अपने से कमजोर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° करने को पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤ होते हैं। इसी पà¥à¤°à¤•ार, यदि हम गलत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ करते हैं अथवा उसका साथ देते हैं, तो हम ततà¥à¤•ाल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से नकारातà¥à¤®à¤•ता को ओà¥à¤¤à¥‡ हà¥à¤ अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करने हेतॠसà¥à¤µà¤¯à¤‚ को तैयार कर लेते हैं। हमको इस नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ à¤à¤µà¤‚ हिंसातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ को किसी à¤à¥€ तरह अपने जीवन मे पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने से रोकना है। ना सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ सहना है और ना ही किसी के साथ अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करना या होने देना है। |
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जब आप कà¥à¤› गंवा बैठते हैं, तो उससे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ को न गंवाà¤à¤‚। जीवन सà¥à¤µà¤¯à¤‚ में à¤à¤• घटनाचकà¥à¤° है, जहाठकà¥à¤› घटनायें सà¥à¤– तो कà¥à¤› दà¥à¤–, कà¥à¤› लाठतो कà¥à¤› हानि पहà¥à¤‚चाती हैं। अब ये सब हमारे विवेक पर निरà¥à¤à¤° करता है कि हम विपरीत तथा विकट परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ किस पà¥à¤°à¤•ार वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करते हैं, और खà¥à¤¦ पर कैसे नियंतà¥à¤°à¤£ à¤à¤µà¤‚ संयम रखते हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ यह à¤à¥€ है कि कषà¥à¤Ÿ, दà¥à¤– व हानि का घटना-चकà¥à¤° à¤à¥€ हमको कà¥à¤› न कà¥à¤› शिकà¥à¤·à¤¾ व जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता हैं। हम हानि व कषà¥à¤Ÿ होने पर कà¥à¤› गवां ज़रूर देते हैं, किनà¥à¤¤à¥ उनसे शिकà¥à¤·à¤¾ लेते हà¥à¤ ही हमें à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का खाका खींचते हà¥à¤ योजनाà¤à¤‚ बनानी होंगी, ताकि वैसी हानिकारक à¤à¤µà¤‚ कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¤• घटनाओं की जीवन में पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ न हो। |
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मन की गतिविधियों, होश, शà¥à¤µà¤¾à¤¸ तथा à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से ईशà¥à¤µà¤°à¥€à¤¯ शकà¥à¤¤à¤¿ सदा हमारे साथ है। सतà¥à¤¯ यही है कि इस जीवन मे अपना कहने को हमारे पास कà¥à¤› à¤à¥€ नही है। हमारी हर à¤à¤• शà¥à¤µà¤¾à¤‚स किसी और के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही पà¥à¤°à¤¦à¤¤à¥à¤¤ है à¤à¤µà¤‚ उसी के नियंतà¥à¤°à¤£ में है। हमारे हृदय की धड़कनों पर à¤à¥€ हमारा अपना कोई नियंतà¥à¤°à¤£ नही है। हमारी सोच, हमारे विचार, हमारी मूल à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚, हमारे मन की चाल, व हमारे होशो-हवास à¤à¥€ हमारे नियंतà¥à¤°à¤£ में नही हैं। फिर कोई तो है जिसका इन पर इनकी उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ से लेकर अंत तक लगातार नियंतà¥à¤°à¤£ है। कोई शकà¥à¤¤à¤¿ तो है जो इन सब पर कà¥à¤·à¤£-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ रखते हà¥à¤ निरंतर पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ हो रही है। वो à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿, जिसका लगातार बिना à¤à¤• कà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ गवाये हमारी हर कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¯à¤¾ पर पूरà¥à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ बना हà¥à¤† है, वह अपार, अगाध तथा सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š है। उसको किसी à¤à¥€ नाम से पà¥à¤•ारा जा सकता है। उसके सदा हमारे साथ बने रहने का सà¥à¤–द à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ ही हमारे अंतरà¥à¤®à¤¨ में अदà¥à¤à¥à¤¤ शकà¥à¤¤à¤¿ का संचार करने हेतॠपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। हम को इस जीवन पथ पर उस अगमà¥à¤¯-अपार शकà¥à¤¤à¤¿ पर सदैव पूरà¥à¤£ à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ रखते हà¥à¤ ही चलते रहना है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ महामारी के संकà¥à¤°à¤®à¤£ काल में उस महाशकà¥à¤¤à¤¿ पर यह à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ हमारे लिठपà¥à¤°à¤¾à¤£ वायॠहै। |
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असफल होना कोई गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ नहीं है, लेकिन सफलता के लिठकोशिश ही ना करना ज़रूर गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ है। पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ पूरे मन से, अपने सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ किया जाà¤, तो सफलता की निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। किंतॠपà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करते हà¥à¤ यदि असफलता à¤à¥€ हाथ लगती है, तो यह कोई अपराध नही है। अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ अनà¥à¤à¤µ के साथ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ सफलता हेतà¥à¤ªà¥à¤¨à¤ƒ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किये जाने चाहिये। सफलता की धारणा रखना और फिर उसको पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने की दृॠइचà¥à¤›à¤¾-शकà¥à¤¤à¤¿ होना ही अति आवशà¥à¤¯à¤• है। किनà¥à¤¤à¥ करà¥à¤®à¤¹à¥€à¤¨ रहकर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ ही न करना ना केवल नैतिक अपराध की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है वरन पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¤¾à¤ª व आतà¥à¤®à¤—à¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿ का कारण à¤à¥€ बनता है। अतः निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ सफलता के मूल सूतà¥à¤° "कोशिश" को जारी रखिये और लकà¥à¤·à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठनिरंतर ईमानदार पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते रहिà¤à¥¤ |
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आपके जीवन का नियंतà¥à¤°à¤£ केनà¥à¤¦à¥à¤° आपका अपना रवैयà¥à¤¯à¤¾ है। हम सब लोग इसी समाज मे रह रहे हैं, और सब अपनी ही समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से घिरे हà¥à¤ हैं। सब अपने जीवन की लड़ाई सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही लड़ रहे हैं। लेकिन हम अपने जीवन मे कितने सफल हो पाà¤à¤‚गे, यह हमारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर नही, अपितॠहमारे अपने रवैयà¥à¤¯à¥‡ पर निरà¥à¤à¤° करता है। हम अपनी जीवन शैली को कैसा बनाते हैं, अपनी धारणा कैसी रखते है, परिवार तथा समाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हमारा नज़रिया कैसा है, हम घटने वाली हर घटना के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कितने संवेदनशील हैं... यही सब मिलकर हमारे जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ तय करते हैं। सारांश में, हम किस तरह का जीवन जीना चाहते हैं, यह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हम पर, हमारे रवैयà¥à¤¯à¥‡ पर व हमारी सोच व दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण पर निरà¥à¤à¤° करता है, हमारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं व हमारे जीवन में निरंतर हो रही घटनाओठपर नही। |
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जो सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने ऊपर विजय पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है, वही सबसे बड़ा विजेता कहलाता है। यह मानव सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ है कि हम दूसरों की कमियों, गलतियों, à¤à¤µà¤‚ साधारण सी कमजोरियों की à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ पहचान करते हà¥à¤ उसे बà¥à¤¾-चà¥à¤¾ के बता कर उस पर बिना मांगे ही अपने सà¥à¤à¤¾à¤µ देने लगते हैं। किंतॠसà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपनी कमियों à¤à¤µà¤‚ कमजोरियों की ओर कà¤à¥€ à¤à¥€ कोई धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नही देते। जब हम अपनी कमियों व कमजोरियों को ढूंढ कर उनको सà¥à¤µà¥€à¤•ारते हà¥à¤ उनको दूर करने के लिये ईमानदारी से à¤à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं, तो हमारी वही कमियां à¤à¤µà¤‚ तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤ हमारी ताकत बन कर हमें साहसी तथा सही अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में विजेता बनाती है। |
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सà¥à¤‚दरता और सरलता की तलाश में हम चाहे सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ घूम लें, लेकिन अगर वो सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हमारे ही अंदर नहीं है, तो फिर सारी सृषà¥à¤Ÿà¤¿ में कहीं à¤à¥€ नहीं होगी। सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¤¤à¤¾ को देखने à¤à¤µà¤‚ पहचानने के लिये पहले अपने मन, सोच व विचार को सरल व सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° बनाना होगा। इसके लिठआवशà¥à¤¯à¤• है कि हम अपने हृदय की मैल व कटà¥à¤¤à¤¾ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें। अपने मन की नकारातà¥à¤®à¤•ता को खरोंच खरोंच कर साफ करें। à¤à¤• बार जहां हमारा हृदय सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही साफ हो गया, सकारातà¥à¤®à¤• हो गया, तो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मानिà¤, संसार में उपलबà¥à¤§ समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤‚दरता à¤à¤µà¤‚ सरलता हमको सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से दिखने लगेगी, हृदय को पà¥à¤°à¤«à¥à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¤ करेगी। हमें अपने मन से नकारातà¥à¤®à¤•ता, नफरत व घृणा का चशà¥à¤®à¤¾ हटाना होगा, सारा संसार खà¥à¤¦ ही सà¥à¤‚दर दिखने लगेगा। |
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*पहाड़ों पर बैठकर तप करना सरल है, लेकिन परिवार में सबके बीच रहकर धीरज बनाये रखना कठिन है और यही तप है, अपनो में रहें, अपने मे नही घर पर रहें सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहें* |
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जो मन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं करते, उनके लिठवह शतà¥à¤°à¥ के समान कारà¥à¤¯ करता है। हमारे जीवन में अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆ व बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ, सकारातà¥à¤®à¤•ता व नकारातà¥à¤®à¤•ता, हमारी अपनी सोच से ही उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, व हमारे जीवन को पूरà¥à¤£ रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। हमारी सोच, हमारे विचार तथा हमारे संसà¥à¤•ार हमारी इचà¥à¤›à¤¾à¤“ं के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤µà¤‚ मन में चल रही उथल-पà¥à¤¥à¤² से ही निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ व संचालित होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में यदि हमारा अपने मन पर नियंतà¥à¤°à¤£ नही रहता, तो फिर निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ जानिà¤, सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हमारा मन ही à¤à¤• शतà¥à¤°à¥ समान वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करते हà¥à¤ हमारे जीवन को समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ रूप से अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ व अवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ कर देगा। अतः अपने मन à¤à¤µà¤‚ विचारों पर नियंतà¥à¤°à¤£ करना सीखिà¤, जिस के लिठनिरंतर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ व साधना की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। |
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वृकà¥à¤· कà¤à¥€ इस बात पर वà¥à¤¯à¤¥à¤¿à¤¤ नहीं होता कि उसने कितने पà¥à¤·à¥à¤ª खो दिà¤, वह सदैव नठफूलों के सृजन में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रहता है। जीवन में कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› खो गया, इस पीड़ा को à¤à¥‚ल कर, हम कà¥à¤¯à¤¾ नया पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकते हैं, इसी में हमारे जीवन की सारà¥à¤¥à¤•ता है। जो बीत गया, सो बीत गया। वकà¥à¤¤ के पहिये को वापिस नही घà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता। बीते समय की अचà¥à¤›à¥€ और बà¥à¤°à¥€ घटनाओं से सिरà¥à¤« शिकà¥à¤·à¤¾ तथा अनà¥à¤à¤µ ही लिया जा सकता है, जिसका सदà¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठउतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ कारà¥à¤¯à¤¯à¥‹à¤œà¤¨à¤¾ व सà¥à¤¦à¥ƒà¥ रणनीति तथा रूपरेखा बनाने में किया जाना चाहिये। यही उसकी सारà¥à¤¥à¤•ता व उपलबà¥à¤§à¤¿ होगी। धीरज तथा पà¥à¤°à¥‡à¤® से सब कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सकता है। जिनà¥à¤¦à¤—ी की हर तपिश को मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾ कर à¤à¥‡à¤²à¤¿à¤, “धूप कितनी à¤à¥€ तेज़ हो समंदर सूखा नहीं करते" मैदान में हारा हà¥à¤† फिर से जीत सकता है, परंतॠमन से हारा हà¥à¤† कà¤à¥€ जीत नहीं सकता, आपका आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ ही आपकी सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ पूà¤à¤œà¥€ है। |
| 57. |
जीवन में सही फैसले लेने में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ कीजिये।à¤à¤¸à¤¾ न हो कि नादान फैसले लेकर आप फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जीवन à¤à¤° सही साबित करने का असफल पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करते रहें। ग़लत फ़ैसले पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ तà¤à¥€ होते हैं, जब बिना किसी संकलà¥à¤ª के ही बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विकलà¥à¤ª पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हों। सही, संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ सटीक फ़ैसला लेने के लिये मातà¥à¤° à¤à¤• दृॠसंकलà¥à¤ª की ही आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। अपना विशिषà¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कीजिये, उसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने का दृॠनिशà¥à¤šà¤¯ करिये, फिर उसके लिठईमानदारी से à¤à¤•ागà¥à¤°à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ होकर अपना शत-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ देते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कीजिये। |
| 58. |
अचà¥à¤›à¥‡ गà¥à¤°à¥ आपकी पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ नहीं बà¥à¤à¤¾à¤¤à¥‡, बलà¥à¤•ि आपको और अधिक पà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾ बनाते हैं, आप को जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ बनाते हैं। जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अनंत है। इसको जितना अधिक पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते जाà¤à¤‚गे, आप को सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के अंदर उतना ही अधिक खालीपन महसूस होगा, और उसको à¤à¤°à¤¨à¥‡ हेतॠजà¥à¤žà¤¾à¤¨ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने की आप की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ और जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ उतनी ही निरनà¥à¤¤à¤° बà¥à¤¤à¥€ जाà¤à¤—ी। जितनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ यह पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बà¥à¥‡à¤—ी, सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है, जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की उपलबà¥à¤§à¤¿ à¤à¥€ उतनी ही अधिक होगी। अचà¥à¤›à¤¾ शिकà¥à¤·à¤• और मारà¥à¤—पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤• वह है, जो आपके अंदर अधिक से अधिक जानने की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बड़ा सके, आपके अंदर और अधिक जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने की आग बà¥à¤à¤¨à¥‡ ना दे। जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने का कà¥à¤°à¤® साà¤à¤¸à¥‹à¤‚ के अंतिम कà¥à¤°à¤® तक समापà¥à¤¤ नही होना चाहिà¤à¥¤ |
| 59. |
समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि हमारा सलाहकार कौन है। ये बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, दà¥à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤§à¤¨ शकà¥à¤¨à¤¿ से सलाह लेता था और अरà¥à¤œà¥à¤¨ शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ से.....* |
| 60. |
अपने घटिया नज़रिये का अहसास हो जाने पर à¤à¥€ हम उसे बदलते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं. ? वासà¥à¤¤à¤µ में यह मानव पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ है कि हमे कà¤à¥€ à¤à¥€ अपनी कोई à¤à¥€ कमी दिखाई नही देती। हम हमेशा दूसरों में ही कमियां ढूंढते रहते हैं। यह और कà¥à¤› नही वरन हमारा अपना अहं है, जो हमेशा सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से सही और दूसरों को गलत समà¤à¤¤à¤¾ है। इस खोखले और à¤à¥‚ठे अहंकार के कारण ही हम अपनी सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की कमियों का पता चलने पर à¤à¥€ उनके लिठदूसरों पर दोषारोपण हेतॠउसके कारणों को à¤à¥€ बाहर ही ढूंढते है। यह पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ ही हमारे नकारातà¥à¤®à¤• होने का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है, और अपने में विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ इसी नकारातà¥à¤®à¤•ता का हमे विरोध करना है। अपने आप से लड़ना है, अपनी कमियों à¤à¤µà¤‚ दोषों को पहचानना है à¤à¤µà¤‚ उनका विषà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करते हà¥à¤ आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¤à¤¨ तथा अनà¥à¤¤à¤°-अवलोकन करना है। अपने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के दोष ढूंढना यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ सबसे कठिन कारà¥à¤¯ है, किनà¥à¤¤à¥ सब से अधिक साहसिक व सराहनीय कारà¥à¤¯ यही है। |
| 61. |
जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ को इतनी गहराई से चाहा जाता है कि, वह उसके लिठअपना सब कà¥à¤› दांव पर लगाने के लिठतैयार होता है, तो फिर उसका जीतना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ है। सीधी सी बात है, हम जो à¤à¥€ लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करें, फिर उसको हासिल करने हेतॠअपनी समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ शकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤µà¤‚ सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ के साथ पूरी ईमानदारी से पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करें। कोई à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ बहाना या कारण नही बनने देना है, जो हमको उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से à¤à¤Ÿà¤•ा सके। कोई à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ कारà¥à¤¯, राह, उपाय व पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ नहीं छोड़ना है, जो उस लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में हमारी मदद करे। हमें अपना शत-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ उस लकà¥à¤·à¥à¤¯ को हासिल करने में लगा देना है। सिरà¥à¤« सफलता के विषय में सोचना है, और फिर सफलता के बाद होने वाले उलà¥à¤²à¤¾à¤¸ के बारे में सोचना है। असफलता की किंचित मातà¥à¤° à¤à¥€ कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ और परवाह नही करनी है, हमारा लकà¥à¤·à¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही सà¥à¤²à¤ होगा। |
| 62. |
à¤à¤• सकारातà¥à¤®à¤• चरितà¥à¤° का वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जब कोई à¤à¤¸à¤¾ कारà¥à¤¯ करता है, जो सरà¥à¤µ-समाज के हित में हो, तो वह उसका शà¥à¤°à¥‡à¤¯ लेने की ना तो आकांकà¥à¤·à¤¾ रखता है, और ना ही इसके लिठकोई पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ ही करता है। इसके उलट वह अपना सरà¥à¤µà¤¸à¥à¤µ समाज व राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के हित के लिठकारà¥à¤¯ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हà¥à¤ दांव पर लगा देता है। जो लोग सिरà¥à¤« शà¥à¤°à¥‡à¤¯ लेने की चेषà¥à¤Ÿà¤¾ में रहते हैं, वह पà¥à¤°à¤—ति की राह में अवरोध ही पैदा करते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सिरà¥à¤« शà¥à¤°à¥‡à¤¯ लेने तक ही सीमित रहती हैं। उसके आगे के लकà¥à¤·à¥à¤¯ को देखने हेतॠना तो उनमें बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ विवेक होता है, और ना ही दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण व संसà¥à¤•ार। अब यह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हमारे ऊपर निरà¥à¤à¤° करता है कि हम किस वरà¥à¤— में रहना चाहते हैं। |
| 63. |
हमारे जीवन में घटित होने वाली कोई à¤à¥€ घटना अपने साथ कोई ना कोई कारण या उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ लेकर ही आती है, और हमारे जीवन मे अपना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ छोड़कर जाती है। हमको हर घटना से कà¥à¤› ना कà¥à¤› सीखना है तथा तदà¥à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° अपने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की सà¤à¥€ योजनाà¤à¤‚ को à¤à¥€ बनाना होंगा। घटित होने वाली हर घटना से हमे सबक लेना होगा à¤à¤µà¤‚ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठतैयारी à¤à¥€ करनी होगी, ताकि हम फिर से à¤à¤¸à¤¾ कोई नकारातà¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯ ना करे जिससे हमको पà¥à¤¨à¤ƒ कोई कषà¥à¤Ÿ या हानि हो। इसके विपरीत सà¥à¤–द घटनाये सà¥à¤–, समृदà¥à¤§à¤¿ तथा पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाली होती हैं व उनको उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले मूल कारण जीवन में पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के योगà¥à¤¯ होते हैं। अतः होने वाली हर घटना का समान रूप से आदर करें, à¤à¤µà¤‚ उनको समान तथा सकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µ से लें, चाहे वो कोई कषà¥à¤Ÿ या हानि देने वाली हो, अथवा समà¥à¤®à¤¾à¤¨ व खà¥à¤¶à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाली। |
| 64. |
ज़िंदगी में कà¤à¥€ किसी को à¤à¤¸à¤¾ मौका नहीं देना चाहिये कि वो हमारे चेहरे की मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¹à¤Ÿ छीन ले। हमें यह याद रखना चाहिठकि यह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ हमारे लिठहै, हम दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठनहीं। सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं पर हमारा सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का ही नियंतà¥à¤°à¤£ होना चाहिà¤à¥¤ हम अपने हृदय की दà¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾à¤“ं तथा शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पहचाने व उन पर हमारा अपना नियंतà¥à¤°à¤£ हो। किसी अनà¥à¤¯ के हाथ में अपने मन की चाबी (नियंतà¥à¤°à¤£) कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दे। अपने जीवन मे आने वाली à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना हमने ही करना है। यह किस तरह करना है, इसका निरà¥à¤£à¤¯ हमारा सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का होना चाहिà¤à¥¤ कोई दूसरा इनको कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ व कैसे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है। अपनी संवेदनाओं और करà¥à¤® पर हमारा अपना नियंतà¥à¤°à¤£ होना चाहिठताकि हम आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° रहें। किसी दूसरे के हाथ की कठपà¥à¤¤à¤²à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बने। |
| 65. | पà¥à¤¯à¤¾à¤° के अà¤à¤¾à¤µ में ही लोग à¤à¤Ÿà¤•ते हैं, और à¤à¤Ÿà¤•े हà¥à¤ लोग पà¥à¤¯à¤¾à¤° से ही सीधे रासà¥à¤¤à¥‡ पर लाठजा सकते हैं। पà¥à¤¯à¤¾à¤° à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है जो आतà¥à¤®à¤¾à¤“ं को जोड़ती है, रूहों को मिलाती है, बिछड़े हà¥à¤ à¤à¤µà¤‚ बिखरे परिवारों को आपस मे समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के साथ वापिस लाती है, समाज मे सकारातà¥à¤®à¤•ता à¤à¤µà¤‚ पूरà¥à¤£ à¤à¤•ता का संचार à¤à¥€ करती है। जीवन मे जिस तरह के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ व चमतà¥à¤•ारिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤® व सदà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से लाये जा सकते हैं, वह किसी अनà¥à¤¯ रासà¥à¤¤à¥‡ से संà¤à¤µ ही नही हैं। अतः जीवन से घृणा à¤à¤µà¤‚ नफरत जैसी नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को दूर रखते हà¥à¤ पà¥à¤°à¥‡à¤® à¤à¤µà¤‚ सदà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जैसी पवितà¥à¤° तथा सकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को ही अंगीकार करें। |
| 66. | लफ़à¥à¥› इंसान के गà¥à¤²à¤¾à¤® होते हैं, मगर बोलने से पहले। बोलने के बाद इंसान अपने लफ़à¥à¥›à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही गà¥à¤²à¤¾à¤® बन जाता है। हमारे वह शबà¥à¤¦ जो अब तक कहे नही गà¤, वो तरकश में रकà¥à¤–े हà¥à¤ तीर के समान हैं। वो बस तà¤à¥€ तक हमारे हैं, जब तक हमारे पास हैं और हमारे नियंतà¥à¤°à¤£ में हैं। हाथ से à¤à¤• बार निकलते ही ये फिर हमारे नही रहते। अतः इनको अपने नियंतà¥à¤°à¤£ से मà¥à¤•à¥à¤¤ करने से पूरà¥à¤µ उनको अचà¥à¤›à¥‡ से परख लेना चाहिठव उनसे होने वाले पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ का पूरà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¥€ लगा लेना चाहिà¤à¥¤ यह हमको उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से à¤à¥€ बचाता है, जिसमें दूसरे लोग हमारे ही लफà¥à¤œà¥‹à¤‚ का à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ तथा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बता कर हमको पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¥œà¤¿à¤¤ कर सकते हैं। |
| 67. |
मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पतन कारà¥à¤¯ की अधिकता से नहीं, वरन कारà¥à¤¯ की अनियमतता से होता है। वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता यही है कि इस संसार में अपने-अपने जीवन में सà¤à¥€ लोग अति-वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ हैं और अपने असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को बचाने हेतॠनिरंतर संघरà¥à¤· कर रहे हैं। कोई जीने के लिठअपनी मृतà¥à¤¯ शैयà¥à¤¯à¤¾ पर पड़ा हà¥à¤† à¤à¤•- à¤à¤• शà¥à¤µà¤¾à¤‚स के लिठसंघरà¥à¤· कर रहा है, तो कोई अपने जीवन-सà¥à¤¤à¤° को बेहतर बनाने के लिठअपनी लड़ाई लड़ रहा है। सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ यही है कि सबके पास à¤à¤• समान अति सीमित समय है व सबके हर à¤à¤• दिन में सिरà¥à¤« 24 घंटे ही होते हैं। किनà¥à¤¤à¥ कà¥à¤› लोग इसी समय मे अपने संघरà¥à¤· में सफल हो कर अपनी लगà¤à¤— सà¤à¥€ लड़ाइयाठजीत लेते हैं, और à¤à¤• बेहतर संगठित तरीके से अपना, अपने परिवार व समाज का निरंतर उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ करते हैं। इसके विपरीत उनà¥à¤¹à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› लोग सिरà¥à¤« पराजित होकर निरंतर पतन की ओर बà¥à¤¤à¥‡ जाते हैं। यह अनà¥à¤¤à¤° कारà¥à¤¯à¤¶à¥ˆà¤²à¥€ व समय के पà¥à¤°à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¨ में विशिषà¥à¤Ÿ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ होने के कारण ही होता है। आप अपनी कारà¥à¤¯à¤¶à¥ˆà¤²à¥€ में वांछित बदलाव करके देखिà¤, सफलता सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही आपके साथ चल देगी। |
| 68. |
à¤à¤²à¤¾ उस आदमी को कà¥à¤¯à¤¾ लाà¤, यदि वह पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ पा जाठऔर अपनी आतà¥à¤®à¤¾ खोने की पीड़ा सहे। à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•तावादी मानसिकता तथा विचारधारा सिरà¥à¤« à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• सà¥à¤– हेतॠकिसी à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤° तक गिरने हेतॠपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करती है। आज की अरà¥à¤¥à¤µà¤¾à¤¦à¥€ तथा à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• आनंद को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देने वाली पीà¥à¥€ संसाधनो को जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡ के लिठकिसी à¤à¥€ हद तक जाने को तैयार है, चाहे वह अपनी मानसिक शानà¥à¤¤à¤¿, आतà¥à¤®-बल à¤à¤µà¤‚ पारिवारिक मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को खोने की कीमत पर ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो। किनà¥à¤¤à¥ यह सदैव याद रखना चाहिठकि अपनी अंतरातà¥à¤®à¤¾ का सौदा करके à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• सà¥à¤– की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने ही अंतरà¥à¤®à¤¨ से वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° है, जिसकी असहनीय à¤à¤µà¤‚ चिरसà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ पीड़ा का कटॠअनà¥à¤à¤µ तब होता है, जब हम सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को आतà¥à¤®à¤¬à¤² विहीन पाते हैं, और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• पूंजी व à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• सà¥à¤– à¤à¤•तà¥à¤° करने की होड़ में अपने मन की शांति और अपनी आतà¥à¤®à¤¾ की पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾ जैसी अमूलà¥à¤¯ संपतà¥à¤¤à¤¿ लà¥à¤Ÿà¤¾ बैठते हैं। |
| 69. |
यदि जीवन में लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ होना हो, सफल होना हो, पà¥à¤°à¤—ति के पथ पर अगà¥à¤°à¤¸à¤° होना हो तो, सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ 'आप' शबà¥à¤¦ का.., उसके बाद 'हम' शबà¥à¤¦ का...., और सबसे कम 'मैं' शबà¥à¤¦ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिà¤à¥¤ दूसरों को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ देने से सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को à¤à¥€ समà¥à¤®à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है, à¤à¤• दूसरे के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¤µà¤‚ सौहारà¥à¤¦ बà¥à¤¤à¤¾ है। इसी पà¥à¤°à¤•ार, जब हम सब को साथ लेकर आगे बà¥à¤¤à¥‡ हैं तो बड़े कठिन व दà¥à¤·à¥à¤•र कारà¥à¤¯ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ आसानी से समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाते है। संगठित होने से शाकà¥à¤¤à¤¿ का संचार होता है। “मैं" शबà¥à¤¦ बहà¥à¤§à¤¾ अà¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ व सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही शà¥à¤°à¥‡à¤¯ लेने का सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ à¤à¤µà¤‚ आतà¥à¤®à¤•ेंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ है। पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि इसका उपयोग ना ही करना पड़े। यदि कà¤à¥€ करें à¤à¥€, तो उसी समय, जब आपकी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इस के लिठआपको विवश करें à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ कोई विकलà¥à¤ª उपलबà¥à¤§ ही ना हो। |
| 70. |
खà¥à¤¶à¥€ अपने आप नहीं मिलती। यह हमारे अपने करà¥à¤®à¥‹à¤‚ से ही पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है। सतà¥à¤¯ तो यही है कि हमें दà¥à¤– à¤à¥€ कà¤à¥€ अपने आप नही मिलता। वह à¤à¥€ हमारे अपने करà¥à¤®à¥‹à¤‚ का ही पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤®à¥à¤¬ है। जीवन सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हमारे करà¥à¤®à¥‹à¤‚ की à¤à¤• सशकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¥à¤µà¤¨à¤¿ है। हमारे हरेक करà¥à¤® की à¤à¤• ततà¥à¤•ाल à¤à¤µà¤‚ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है, जो हमारे ऊपर अपना पूरà¥à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालती है। यदि हम सकारातà¥à¤®à¤• करà¥à¤® करेंगे तो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से हमारे मन व मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पर उसका सकारातà¥à¤®à¤• व पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ कर देने वाला पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होगा। सरà¥à¤µà¤¤à¥à¤° सà¥à¤–, पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ तथा खà¥à¤¶à¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¥à¤µà¤¨à¤¿ होगी। इसके विपरीत नकारातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से करà¥à¤® करने पर उसका विपरीत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ हम पर पड़ेगा और फिर हमारे मन à¤à¤µà¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में दà¥à¤–, कषà¥à¤Ÿ और पीड़ा के अलावा कà¥à¤› नही रहेगा। आपका आज का दिन अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ शà¥à¤, सà¥à¤–द à¤à¤µà¤‚ विघà¥à¤¨à¤µà¤¿à¤¨à¤¾à¤¶à¤• हो। ये ज़िनà¥à¤¦à¤—ी तमनà¥à¤¨à¤¾à¤“ं का गà¥à¤²à¤¦à¤¸à¥à¤¤à¤¾ ही तो है, कà¥à¤› महकती है, कà¥à¤› मà¥à¤°à¤à¤¾à¤¤à¥€ है। |
| 71. |
विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ की रकà¥à¤·à¤¾ अपने पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹ से à¤à¥€ अधिक करनी चाहिà¤à¥¤ हमारे पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सबके मन में गहन विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ ही हमारी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤µà¤¾à¤¯à¥ है, और यह à¤à¤•ाà¤à¤• उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ नही हो जाता। इसके लिठनिरंतर, सारà¥à¤¥à¤• à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने पड़ते हैं। सकारातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण à¤à¤µà¤‚ विचार के साथ निरनà¥à¤¤à¤° सतà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ नैतिकता के कठिन परनà¥à¤¤à¥ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ मारà¥à¤— पर चलना होता है। जब पूरà¥à¤£ समाज हमारे पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पूरी तरह आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ हो जाता है, तà¤à¥€ हमारी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ सहज सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ होती है। इतने परिशà¥à¤°à¤® व तà¥à¤¯à¤¾à¤— के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ की गई विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ की पूंजी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ संà¤à¤¾à¤² कर रखना हमारी अपनी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है, और इसकी रकà¥à¤·à¤¾ हमें अपने पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ अधिक करनी होगी। यदि हमने à¤à¤• बार à¤à¥€ अपनी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ को खो दिया, तो फिर इस को पà¥à¤¨à¤ƒ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना असंà¤à¤µ नही, तो आसान à¤à¥€ नही होगा। सृषà¥à¤Ÿà¤¿ कितनी à¤à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाठकिनà¥à¤¤à¥ फिर à¤à¥€ हम पूरà¥à¤£ सà¥à¤–ी नहीं हो सकते...! परंतॠदृषà¥à¤Ÿà¤¿ थोड़ी सी à¤à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाठतो हम सà¥à¤–ी हो सकते हैं। “जैसी दृषà¥à¤Ÿà¥€-वैसी सृषà¥à¤Ÿà¤¿" |
| 72. |
अगर दिल ही साफ़ न हो तो, चमकता चेहरा किसी à¤à¥€ काम का नहीं। à¤à¤¸à¥‡ चेहरे की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤µà¤°à¥à¤£-पातà¥à¤° से की जा सकती है, जिसमे सिरà¥à¤« घातक विष à¤à¤°à¤¾ हो। चेहरे व शरीर का आकरà¥à¤·à¤£ कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• होता है, इस के विपरीत मन के बंधन शरीर व चेहरे की सà¥à¤‚दरता पर अथवा शरीर के रहने या ना रहने पर निरà¥à¤à¤° नही करते हैं। सतà¥à¤¯ यही है कि सिरà¥à¤« सौंदरà¥à¤¯ से आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होकर उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ रिशà¥à¤¤à¥‡ सà¥à¤‚दरता के नषà¥à¤Ÿ होते ही ततà¥à¤•ाल नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं। अतः अपने मन तथा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को आकरà¥à¤·à¤•, सरल, सहज, सà¥à¤‚दर à¤à¤µà¤‚ सरà¥à¤µà¤¸à¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ बनायें। अंततः केवल आंतरिक सौंदरà¥à¤¯ ही पूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¤¿à¤¤à¥à¤µ के साथ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ कर सकता है। |
| 73. |
अतीत पे बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ मत दो। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह तो बीत चà¥à¤•ा है। इस संसार की सारी समà¥à¤ªà¤¦à¤¾ मूलà¥à¤¯ रूप में चà¥à¤•ाने के बाद à¤à¥€ अब अतीत को पà¥à¤¨à¤ƒ वापिस नही लाया जा सकता। अतीत के दिये सबक से सीखा अवशà¥à¤¯ जा सकता है, जिससे अतीत में की गई गलतियों की पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ ना हो सके। à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में घटित होने वाली घटनाओं के विषय में à¤à¥€ हमें नही सोचना है। à¤à¤• तो वो अà¤à¥€ आया ही नही है, फिर उसका हमारे जीवन में आना à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ नही है। कà¥à¤¯à¤¾ पता अगला पल हमारे इस जीवनकाल मे आने वाला à¤à¥€ है कि नही, और वह अपने साथ अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ से परिपूरà¥à¤£ कौन सा घटना-चकà¥à¤° लेकरआने वाला है। अतः हमको अपने मन को सिरà¥à¤« वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ कà¥à¤·à¤£ पर केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ करना है। ये जो अà¤à¥€ का पल है, जिसे हम जी रहे हैं, वही हमारा अपना है। यही पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पल हमारे जीवन में आना पूरà¥à¤£ रूप से निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ था à¤à¤µà¤‚ आ गया है। इस à¤à¤• पल को à¤à¤°à¤ªà¥‚र जी लें, और जो कारà¥à¤¯ सोच रकà¥à¤–े हैं, उन सà¤à¥€ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को, जितना à¤à¥€ कर सकें, बस अà¤à¥€ इसी पल में कर लें। कटॠसतà¥à¤¯ यही है कि यह जीवन सिरà¥à¤« उतना ही है, जितना कि यह पल है, जिसे हम अà¤à¥€ जी रहे हैं। उसके आगे निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कà¥à¤› à¤à¥€ नही है। |
| 74. |
अपनी ख़राब आदतों पर जीत हासिल करने के समान जीवन में कोई और आननà¥à¤¦ नहीं होता है। खराब आदतें वही होती हैं जो हमें निरंतर सामाजिक, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ शारीरिक हानि पहà¥à¤‚चाती हैं। यह आदतें किसी à¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥ या वà¥à¤¯à¤¸à¤¨ की हो सकती हैं। जब किसी à¤à¥€ चीज की शरीर या दिमाग को आदत पड़ जाये, तो फिर उससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाना अति ही दà¥à¤·à¥à¤•र कारà¥à¤¯ होता है। अतः à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यदि कोई अपनी खराब और हानिकारक आदतों से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ à¤à¥€ करता है, तो वह निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤¶à¤‚सनीय है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह अब वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ से à¤à¤• बेहतर जीवन की ओर कदम बड़ा रहा है। हमें उस का उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨ करना चाहिà¤à¥¤ |
| 75. |
अनà¥à¤°à¤¾à¤— à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ के अà¤à¤¾à¤µ में ही लोग à¤à¤Ÿà¤•ते हैं, और à¤à¤Ÿà¤•े हà¥à¤ लोग पà¥à¤¯à¤¾à¤° से ही सीधे रासà¥à¤¤à¥‡ पर लाठजा सकते हैं। अनà¥à¤°à¤¾à¤— à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है जो आतà¥à¤®à¤¾à¤“ं को जोड़ती है, रूहों को मिलाती है, बिछड़े हà¥à¤ à¤à¤µà¤‚ बिखरे परिवारों को आपस मे समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के साथ वापिस लाती है, समाज मे सकारातà¥à¤®à¤•ता à¤à¤µà¤‚ पूरà¥à¤£ à¤à¤•ता का संचार à¤à¥€ करती है। जीवन मे जिस तरह के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ व चमतà¥à¤•ारिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤® व सदà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से लाये जा सकते हैं, वह किसी अनà¥à¤¯ रासà¥à¤¤à¥‡ से संà¤à¤µ ही नही हैं। अतः जीवन से घृणा à¤à¤µà¤‚ नफरत जैसी नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को दूर रखते हà¥à¤ पà¥à¤°à¥‡à¤® à¤à¤µà¤‚ सदà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जैसी पवितà¥à¤° तथा सकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को ही अंगीकार करें। रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ मौजूद है तो मौन à¤à¥€ समठआ जायेगा, और यदि विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं है तो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ गलतफहमी हो जायेगी। |
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सफलता का मूल मनà¥à¤¤à¥à¤° कà¥à¤¯à¤¾ होता है, शायद हमे ये नहीं पता हो, पर इतना अवशà¥à¤¯ जान लेना चाहिà¤, कि सà¤à¥€ को खà¥à¤¶ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना ही हमारी असफलताओं का मूल मनà¥à¤¤à¥à¤° है। यह सरà¥à¤µà¤®à¤¾à¤¨à¥à¤¯ सतà¥à¤¯ है कि हम कà¤à¥€ à¤à¥€ अपने लाख पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚, चेषà¥à¤Ÿà¤¾à¤“ं व सावधानियों के बाद à¤à¥€ à¤à¤• साथ सà¤à¥€ को पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ नही कर सकते। यदि हमारा à¤à¤• कारà¥à¤¯ किसी à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ या समूह विशेष का हित साध कर उसको पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ करता है, या लाठपहà¥à¤‚चाता है, वहीं उससे किसी अनà¥à¤¯ को कषà¥à¤Ÿ व हानि की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। अतः हमे पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा के साथ ही आलोचना के लिठà¤à¥€ तैयार रहना चाहिà¤à¥¤ यदि हम अपनी आलोचना के डर से सब को à¤à¤• साथ पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ करने हेतॠनियोजित कारà¥à¤¯ करना चाहेंगे, तो संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ हम कोई ठोस निरà¥à¤£à¤¯ ले ही नही पाà¤à¤‚गे, और अनिरà¥à¤£à¤¯ व अकरà¥à¤®à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के शिकार हो जायेंगे, जो हमारे पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ को सिरà¥à¤« विफलता के मारà¥à¤— की तरफ ले जायेगा। सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का मन कà¥à¤°à¥‹à¤§, लोठमोह माया से à¤à¤° लिया तो कलयà¥à¤— हो गया, सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का मन करà¥à¤£à¤¾ दया दान पà¥à¤£à¥à¤¯ से à¤à¤° लिया तो सतयà¥à¤— हो गया। हम बदलेंगे यà¥à¤— बदलेगा। |
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Courtsey : Advocate Arvind Sharma ( Ghaziabad)
Cell : +91 98101 25067
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R01092020
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