परम पूज्या प्रथम गणिनी आर्यिका 105 श्री विजयमति माताजी मा. सा.
![]() |
| पूर्व का नाम | शरबती देवी |
| जन्म तिथि | वैशाख शुक्ला द्वादशी, 1 मई 1928 |
| जन्म स्थान | कामाँ, राजस्थान |
| पिता का नाम | संतोषी लालजी बड़जात्या |
| माता का नाम | चिरोंजीदेवी |
| मुनि दीक्षा | फाल्गुन शुक्ला 13, वि. सं. 2009, सन् 1952, सोनागिर |
| शिक्षा | बी. ए., बी. टी. (अंग्रेजी), साहित्य रत्न, विशारद, न्यायतीर्थ |
| आर्यिका दीक्षा | चैत वदी तीज, वि. सं. 2018, 24 मार्च 1962, आगरा, उत्तर प्रदेश |
| मुनि दीक्षा नाम | मुनि श्री 108 विमल सागर जी |
| आर्यिका दीक्षा गुरु | वात्सल्य रत्नाकर आचार्य श्री 108 विमल सागर जी महाराज |
| आर्यिका दीक्षा नाम | आर्यिका 105 श्री विजयमति माताजी |
| गणिनी पद | 3 जनवरी 1972, मेहसाणा, गुजरात |
| गणिनी पद प्रदाता गुरु | आचार्य श्री 108 महावीर कीर्ति जी महाराज |
| समाधि | 19 फरवरी 2006 |
| समाधि स्थल | श्रवणबेलगोल, कर्नाटक |
-----------------------------------------------------
Mail to : Ahimsa Foundation
www.jainsamaj.org
R230119
Related
Related
Related