जोरो (केनà¥à¤¯à¤¾) की गà¥à¤«à¤¾ में निरà¥à¤—à¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ जैन मà¥à¤¨à¤¿ के आवास के पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£
शà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन ( सेठी )
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·-शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾. दि. जैन महासà¤à¤¾
हम लोगों ने इथोपिया की यातà¥à¤°à¤¾ करते समय यह निशà¥à¤šà¤¯ किया था कि अगली केनà¥à¤¯à¤¾ की यातà¥à¤°à¤¾ दिसमà¥à¤¬à¤° में करेंगे जोकि इथोपिया से सटा हà¥à¤† देश है। मई की इथोपिया की यातà¥à¤°à¤¾ के बाद केनà¥à¤¯à¤¾ जाकर वहां सब विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से मिलकर 13-14-15 दिसमà¥à¤¬à¤°, 2017 को किसà¥à¤®à¥ (Kishumu) में सेमीनार करने का निशà¥à¤šà¤¯ किया था। उसी अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हम लोग 12 तारीख को पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒà¤•ाल नैरोबी के लिठरवाना हà¥à¤¯à¥‡à¥¤
हम लोग दिलà¥à¤²à¥€ से 25 और 6 लोग मà¥à¤®à¥à¤¬à¤ˆ से गये थे। इथोपिया से à¤à¥€ 3 विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ सेमीनार में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हà¥à¤à¥¤
दिनांक 12 दिसमà¥à¤¬à¤°, 2017 को दोपहर में हम लोग नैरोबी पहà¥à¤‚च गये थे तथा वहां à¤à¥‹à¤œà¤¨ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ करके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ मनà¥à¤¦à¤¿à¤° के दरà¥à¤¶à¤¨ करके रात को 3 बजे किसà¥à¤®à¥ पहंà¥à¤šà¥‡à¥¤
दिनांक 13 को गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ लेकसॠयूनीवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ (Great Lakes University) किसà¥à¤®à¥ में सेमीनार पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ 10 बजे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ हà¥à¤†, सेमीनार 3 सतà¥à¤° में हà¥à¤†, जिसमें अनेक लोगों के पेपर पढे़ गये। दूसरे दिन à¤à¥€ सेमीनार 3 सतà¥à¤° में हà¥à¤† और उसमें à¤à¥€ अनेक लोगों के पेपर पड़ें गये। शà¥à¤°à¥€ के.à¤à¤¨. दीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ (पूरà¥à¤µ संयà¥à¤•à¥à¤¤ महानिदेशक à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ विà¤à¤¾à¤—, à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार) ने पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ à¤à¤µà¤‚ जैनिजà¥à¤® (Archaeology and Jainism ), पà¥à¤°à¥‹. डी. पी. तिवारी (पà¥à¤°à¥‹. लखनऊ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯) ने जैन फिलॉसफी ऑफ अहिंसा à¤à¤£à¥à¤¡ इटà¥à¤¸ सिगà¥à¤¨à¥€à¤«à¤¿à¤•ेनà¥à¤¸ फॉर हà¥à¤¯à¥‚मैनिटी à¤à¤‚ड वरà¥à¤²à¥à¤¡ पीस (Philosophy and Arts as a Peace Building element) डॉ. अनेकानà¥à¤¤ कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन (लाल बहादà¥à¤° शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ संसà¥à¤•ृत विदà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€à¤ ) ने नॉन वायलेंस à¤à¤‚ड वरà¥à¤²à¥à¤¡ पीस (Non Violence & World Peace), पà¥à¤°à¥‹. à¤à¤¸. के. दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€ (जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯) ने इंटरपà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤‚ग जैन फिलॉसफी à¤à¤‚ड आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¤œ ठपीस बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग à¤à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट (Interpreting Jain Philosophy and Arts as a Peace Building element), डॉ. राजमल जैन ने लॉज़ ऑफ़ नेचर इन कॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿ टू जैनिज़à¥à¤® à¤à¤£à¥à¤¡ साईंस (Laws of Nature in Context to Jainism and Science), डॉ. सà¥à¤®à¤¨ जैन (बनारस हिनà¥à¤¦à¥‚ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯) ने अरà¥à¤§à¤«à¤²à¤•ा : जैन मॉनà¥à¤•à¥à¤¸ ऑफ़ मथà¥à¤°à¤¾ (Ardhaphalaka : Jain Monks of Mathura), पà¥à¤°à¥‹. नरेनà¥à¤¦à¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन इमà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स ऑफ़ मैडिटेशन इन जैनिज़à¥à¤® (Importance of Meditation in Jainism) à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥‹. रविपà¥à¤°à¤•ाश जी ने ठहिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤•ल à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ ऑफ़ इंडियन माइगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ तो केनà¥à¤¯à¤¾ विथ सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² रिफरेनà¥à¤¸ टू जैन कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ (Historical Analysis of Indian Migration to Kenya with special reference to Jain Community) शà¥à¤°à¥€ गौरव जैन ने करà¥à¤® सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ (Karma Theory), सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ रोशनी सांघवी जैन ने नॉन वायलेंस (Non Violence), पà¥à¤°à¥‹. केबेडे अमारे ने द टैमà¥à¤ªà¤²à¥à¤¸ ऑफ मेकाबर गà¥à¤¯à¥‡à¤µà¤¾ à¤à¤£à¥à¤¡ येहा (The Temples of Meqaber Geawa and Yeha) आदि अनà¥à¤¯ अफà¥à¤°à¥€à¤•ी विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ अपने-अपने शोध पतà¥à¤° पà¥à¥‡à¥¤
समापन समारोह 15 दिसमà¥à¤¬à¤° को विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में हà¥à¤† जिसमें विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की वाईस चांसलर पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° à¤à¤Ÿà¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹ ठनदेदे अमादी (Prof. Atieno A. Ndede-Amadi) à¤à¥€ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थीं तथा उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा इथोपिया से आये हà¥à¤ समसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤®à¤£à¥à¤¡à¤² का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया और इस विशाल सेमीनार को करने के लिठऑल इंडिया दिगमà¥à¤¬à¤° जैन हेरिटेज पà¥à¤°à¥€à¤œà¤°à¥à¤µà¥‡à¤¶à¤¨ ऑरà¥à¤—ेनाइजेशन (All India Digamber Jain Heritage Preservation Organisation) को धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया। सेमीनार के समापन के बाद अनेक लोगों ने वहां के विकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ लेक को देखने गये और अनेक लोगों ने नौका विहार à¤à¥€ किया।
दिनांक 16 दिसमà¥à¤¬à¤° को पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ 6 बजे किसà¥à¤®à¥ से हम लोग नैरोबी के लिठरवाना हà¥à¤¯à¥‡ और पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ 8 बजे नकà¥à¤°à¥‚ (केनà¥à¤¯à¤¾) पहà¥à¤‚चे। वहां पर कà¥à¤·à¥à¤²à¥à¤²à¤¿à¤•ा विसà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾à¤¶à¥à¤°à¥€ माताजी संघसà¥à¤¥ परमपूजà¥à¤¯ आचारà¥à¤¯à¤¶à¥à¤°à¥€ विरागसागर जी महाराज à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¤• शà¥à¤°à¥€ लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¸à¥‡à¤¨ जी महाराज जà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤²à¤¿à¤¨à¥€ का शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ पà¥à¤°à¥€à¤¤à¤¿ शाह के घर पर आहार हà¥à¤† और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सब लोगों को नाशà¥à¤¤à¤¾ कराया। केरीचो (Kerricho, Kenya) में हर तरफ चाय बागान थे, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखने गये जिस तरह से हमारे आसाम में चाय बागान अंगà¥à¤°à¥‡à¤œ कमà¥à¤ªà¤¨à¥€ के थे, उसी तरह से सà¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ चाय बागान थे और सड़कें बहà¥à¤¤ साफ थी। उन बागानों को देखकर सब लोग काफी खà¥à¤¶ थे और मà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ लगा कि इतनी विशाल जगह पर सफाई रखते हैं, उनसे हमें सीख लेनी चाहिà¤à¥¤ महासà¤à¤¾ के कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ को à¤à¥€ सà¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ और साफ रखना चाहिà¤à¥¤
फिनले (Finlay) कमà¥à¤ªà¤¨à¥€ चाय की बहà¥à¤¤ बड़ी कमà¥à¤ªà¤¨à¥€ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अलावा कई देशों में à¤à¥€ इसके चाय बागान हैं। हम लोग जोरो गà¥à¤«à¤¾ पहà¥à¤‚चे। इस गà¥à¤«à¤¾ में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल की लिखी हà¥à¤ˆ लिपि देखी और तà¥à¤°à¤¿à¤›à¤¤à¥à¤° à¤à¥€ बना हà¥à¤† देखा। लिपि को पà¥à¤•र बà¥à¤°. डॉ. सà¥à¤¨à¥‡à¤¹à¤°à¤¾à¤¨à¥€ जैन ने कहा कि यह हमारी बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ लिपि से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ लिपि रही है और देखने से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है कि यहां पर पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल में जैन संसà¥à¤•ृति रही होगी और जो डॉ. गोकà¥à¤² पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ जैन ने अपनी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में लिखा है कि 3 हजार वरà¥à¤· पूरà¥à¤µ यहां पर निगà¥à¤°à¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ साधॠà¤à¤¬à¥€à¤¸à¤¿à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ और इथोपिया में विचरण करते थे, यह बात सही लग रही है। बड़ी गà¥à¤«à¤¾ के सामने नदी के पार छोटी-छोटी बहà¥à¤¤ सारी गà¥à¤«à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ थीं, जिनको हमारे à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ जी, शà¥à¤°à¥€ à¤.के. खनà¥à¤¨à¤¾ और डॉ. रविपà¥à¤°à¤•ाश ने देखा।
शà¥à¤°à¥€ डी.पी. तिवारी (पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ विà¤à¤¾à¤—, लखनऊ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯) ने बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶à¥€ के साथ कहा कि इन लिपियों को देखने से यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है कि यह गà¥à¤«à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ जैन संसà¥à¤•ृति से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ रखती हैं। इन गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में निगà¥à¤°à¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ जैन मà¥à¤¨à¤¿ तपसà¥à¤¯à¤¾ करते थ। इन गà¥à¤«à¤¾à¤“ं को देखने से हम लोग बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤ और वहां के रहने वाले आदिवासियों को काफी ईनाम दिया।
यहां गौर करने वाली यह बात थी कि इन गà¥à¤«à¤¾à¤“ं को à¤à¤¾à¤°à¤¤ की तरह केनà¥à¤¯à¤¾ की सरकार ने संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं किया था। न वहां कोई चैकीदार था और न ही गà¥à¤«à¤¾à¤“ं के सामने कोई वरà¥à¤£à¤¨ था और न ही गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में जाने वाले रासà¥à¤¤à¥‡ का मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ था।
गà¥à¤«à¤¾à¤“ं के दरà¥à¤¶à¤¨ के बाद हम लोग नकà¥à¤°à¥‚ (Nakuru) पहà¥à¤‚चे और वहां पर सब लोगों ने शà¥à¤°à¥€ जलाराम अराधना टैमà¥à¤ªà¤² की à¤à¥‹à¤œà¤¨à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ किया। रातà¥à¤°à¤¿ के लगà¤à¤— 2 बजे नैरोबी पहà¥à¤‚चे और होटल में ठहरे।
17 तारीख को हम लोग नेशनल मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® को देखने गये और सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ नारायण मनà¥à¤¦à¤¿à¤° के पà¥à¤¨à¤ƒ दरà¥à¤¶à¤¨ किये।
18 तारीख को हम लोग पà¥à¤°à¥‹. के.à¤à¤¨. दीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ जी, पà¥à¤°à¥‹. डी.पी. तिवारी à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥‹. शिवकांत दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€ ने मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® के कà¥à¤¯à¥‚रेटर (Curator) से मिलकर à¤à¤²à¥€-à¤à¤¾à¤‚ति सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® का निरीकà¥à¤·à¤£ किया और उससे काफी संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हà¥à¤à¥¤ शà¥à¤°à¥€ दीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ जी ने हमें बताया कि इतने अचà¥à¤›à¥‡ तरीके से मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® की देख-रेख हिनà¥à¤¦à¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ में कà¤à¥€ नहीं होती। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वहां के मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® की काफी सराहना की। मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® के डायरेकà¥à¤Ÿà¤° डॉ. कà¥à¤¯à¥‚रा पà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ (Dr. Kiura Purity, Director Museums-Sites & Monuments) से बात की और केनà¥à¤¯à¤¾ आने का कारण बताया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ के साथ हमें पूरा मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® दिखाया तथा मà¥à¤¯à¥à¥›à¤¿à¤¯à¤® की टिकट à¤à¥€ फà¥à¤°à¥€ कर दीं।
शाम को à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ जी ने केनà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजदूत शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ सà¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤°à¤¾ दà¥à¤°à¤¾à¤ˆ से मिलने का कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® आयोजित किया। महासà¤à¤¾à¤§à¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन सेठी के नेतृतà¥à¤µ में à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤®à¤£à¥à¤¡à¤² मिलने गया। लगà¤à¤— à¤à¤• घंटा हमारी चरà¥à¤šà¤¾ हà¥à¤ˆà¥¤ राजदूत महोदया ने हमें कहा कि जो आपका काम कर रहे हैं, उसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया और बताया कि à¤à¤¸à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में उनका पूरा सहयोग केनà¥à¤¯à¤¾ में मिलेगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ और केनà¥à¤¯à¤¾ का मधà¥à¤° समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ है। हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डॉ. गोकà¥à¤²à¤šà¤¨à¥à¤¦ जैन, डॉ. शà¥à¤—नचनà¥à¤¦ जैन, डॉ. जे. डी. जैन à¤à¤µà¤‚ डॉ. सà¥à¤¨à¥‡à¤¹à¤°à¤¾à¤¨à¥€ जैन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें à¤à¥‡à¤‚ट की। राजदूत महोदया को पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ पर काफी जà¥à¤žà¤¾à¤¨ था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमें अनेक विषयों पर अपना मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ दिया। हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिलने का समय देने à¤à¤µà¤‚ हमारी बातों को धैरà¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठधनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया।
दिनांक 19 दिसमà¥à¤¬à¤° को पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒà¤•ाल हम लोग शà¥à¤°à¥€ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन मनà¥à¤¦à¤¿à¤° के दरà¥à¤¶à¤¨ किये और वहां पर शà¥à¤°à¥€ रमेश à¤à¤¾à¤ˆ ने सब लोगों को अपने समà¥à¤¬à¥‹à¤§à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया और बाद में पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ डॉ. अनेकानà¥à¤¤ जैन ने मीटिंग का संयोजन किया। इस मीटिंग में पà¥à¤°à¥‹. नरेनà¥à¤¦à¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° जी ने केनà¥à¤¯à¤¾ आने का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ बताया और कहा कि जो अà¤à¥€ तक उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने केनà¥à¤¯à¤¾ में देखा है, उससे पता चलता है कि यहां की संसà¥à¤•ृति का जैन संसà¥à¤•ृति से अवशà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल में समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ रहा होगा।
बà¥à¤°. डॉ. सà¥à¤¨à¥‡à¤¹à¤°à¤¾à¤¨à¥€ जैन ने उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लोगों को बताया कि यहां की पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ गà¥à¤«à¤¾à¤“ं को देखकर वे निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो गई हैं कि यहां पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल में जैन साधॠरहते होंगे और वहां पर जैन संसà¥à¤•ृति के होने के चिहà¥à¤¨ à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में देखे हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में तà¥à¤°à¤¿à¤›à¤¤à¥à¤° देखा है, जो अवशà¥à¤¯ ही जैन धरà¥à¤® से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ रखता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि जो à¤à¤¾à¤·à¤¾ गà¥à¤«à¤¾ में लिखी गई हैं, वह काफी पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ है। उसपर शोध होना चाहिà¤à¥¤
वाराणसी से आई बनारस हिनà¥à¤¦à¥‚ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की पà¥à¤°à¥‹. डॉ. सà¥à¤®à¤¨ ने बताया कि वह पहली बार केनà¥à¤¯à¤¾ आई हैं। यहां की गà¥à¤«à¤¾à¤“ं तथा लॉसà¥à¤Ÿ पैराडाइज (Lost Paredise) गà¥à¤«à¤¾à¤“ं को देखकर यह लगता है कि पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल में जैन साधॠइन गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में तपसà¥à¤¯à¤¾ करते होंगे। गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में मिले लिपि से यह बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होती है कि यहां पर पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•ाल में जैन साधॠरहते होंगे।
शाम को अनेक लोग सफारी देखने के लिठचले गये तथा अनेक जानवरों à¤à¤µà¤‚ पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को देखा। यहां केनà¥à¤¯à¤¾ की पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ मशाई-मारा à¤à¤µà¤‚ नेशनल पारà¥à¤• नैरोबी सफारी है। इसके अलावा à¤à¥€ मशाई-मारा में संसार की सबसे बडी सफारी थी, जिसको देखने के लिठपà¥à¤°à¥‹. नरेनà¥à¤¦à¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ अनीता जैन, शà¥à¤°à¥€ मà¥à¤•ेश जैन, शà¥à¤°à¥€ गौरव जैन, डॉ. अनेकानà¥à¤¤ जैन, शà¥à¤°à¥€ आर. सी. जैन, शà¥à¤°à¥€ à¤à¤µà¤‚ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ राजमल जैन गये। यह संसार की सबसे बड़ी सफारी हैं और उन लोगों ने 10-12 शेरों को à¤à¤• साथ बैठे देखा।
नैरोबी नेशनल पारà¥à¤• को देखने पà¥à¤°à¥‹. के.à¤à¤¨. दीकà¥à¤·à¤¿à¤¤, पà¥à¤°à¥‹. डी. पी. तिवारी, पà¥à¤°à¥‹. à¤à¤¸. के. दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€, पà¥à¤°à¥‹. सà¥à¤®à¤¨ जैन, पà¥à¤°à¥‹. रविपà¥à¤°à¤•ाश, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ वरà¥à¤·à¤¾ रानी, शà¥à¤°à¥€ विकास जैन, शà¥à¤°à¥€ à¤.के. खनà¥à¤¨à¤¾, शà¥à¤°à¥€ विमल जैन, शà¥à¤°à¥€ विवेक जैन, शà¥à¤°à¥€ विजय जैन, शà¥à¤°à¥€ सौमितà¥à¤° मणà¥à¤¡à¤² आदि गये।
सांय को 4 बजे साइकोलॉजिकल सोसायटी ऑफ केनà¥à¤¯à¤¾ (Psychological Society of Kenya (Technical University of Kenya) में विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की à¤à¤• मीटिंग हà¥à¤ˆ जिसमें पà¥à¤°à¥‹. मà¥à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¹, डॉ. अरà¥à¤£ दतà¥à¤¤à¤¾, डॉ. पैटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤®. डिकà¥à¤•र तथा अनà¥à¤¯ कà¥à¤› लोग उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे। इस मीटिंग में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमें बताया कि हमें नैरोबी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से शीघà¥à¤° ही समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे लोग पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी रखते हैं। तथा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। हमने जब गà¥à¤«à¤¾à¤“ं के बारे में बताया तो वे बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ और आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤šà¤•ित हà¥à¤à¥¤
डॉ. पैटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤®. डिकà¥à¤•र मशाई कबीला के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उस सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के बारे में शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ वरà¥à¤·à¤¾ रानी को विसà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• बताने का वचन दिया। उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ से केनà¥à¤¯à¤¾ आने के लिठधनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया और बताया कि हमारे इस अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में उन लोगों का सहयोग हमेशा मिलता रहेगा। शà¥à¤°à¥€ दतà¥à¤¤à¤¾ ने विशेषरूप से बताया कि आपको केनà¥à¤¯à¤¾ में रहने वाले जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤®à¥à¤¬à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ इस कारà¥à¤¯ में सहयोग लेना चाहिà¤, उसके लिठवे अपना सहयोग à¤à¥€ देंगे।
हम लोग 20 तारीख को पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒà¤•ाल हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ के लिठरवाना हà¥à¤ और 11.30 बजे इथोपियन à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤ˆà¤¨à¥à¤¸ से लगà¤à¤— 2 बजे आदिसअबाबा पहà¥à¤‚चे और वहां से 04.30 बजे चलकर रातà¥à¤°à¤¿ 2 बजे à¤à¤¾à¤°à¤¤ पहंà¥à¤šà¥‡à¥¤ इस तरह से केनà¥à¤¯à¤¾ की यातà¥à¤°à¤¾ में सकà¥à¤¶à¤² पूरी हà¥à¤ˆà¥¤
शà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° जैन ( सेठी )
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| जनà¥à¤® तिथि-जनà¥à¤® सà¥à¤¥à¤² | 8 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 1938 - तिनसà¥à¤•िया (आसाम) |
| पिता का नाम à¤à¤µà¤‚ पता | सà¥à¤µà¤°à¥à¤—ीय शà¥à¤°à¥€ हरकचनà¥à¤¦ जैन सेठी हरकचनà¥à¤¦ रोलर फà¥à¤²à¥‹à¤° मिलà¥à¤¸, सीतापà¥à¤° (उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) |
| शैकà¥à¤·à¤¿à¤• योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ | बी.कॉम - सेंट जेवीयरà¥à¤¸ कालेज, कोलकाता विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ |
| समà¥à¤®à¤¾à¤¨ | महासà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¥à¤¯à¤¤à¤¾ रजत महोतà¥à¤¸à¤µ में 4 जनवरी ’06 को शà¥à¤°à¤µà¤£à¤¬à¥‡à¤²à¤—ोल (करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤•) में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤¶à¥à¤°à¥€ चारà¥à¤•ीरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¤• महासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€à¤œà¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ‘शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤•रतà¥à¤¨à¤®à¤£à¤¿’ उपाधि से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ |
| संबंधित संसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ | राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· : शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन (धरà¥à¤® संरकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€) महासà¤à¤¾, लखनऊ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ 1894 - 3 जनवरी सनॠ1982 से निरनà¥à¤¤à¤° अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· निरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¿à¤¤à¥¤ शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन (तीरà¥à¤¥ संरकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€) महासà¤à¤¾,लखनऊ - सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 1998 से। शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन (शà¥à¤°à¥à¤¤ संवरà¥à¤§à¤¿à¤¨à¥€) महासà¤à¤¾, नई दिलà¥à¤²à¥€ - सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 2004 से। जैन राजनैतिक चेतना मंच सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¥€ संगीत कला अकादमी, नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ -सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 2014 समसà¥à¤¤ जैन संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं की समनà¥à¤µà¤¯ समिति, नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ - सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 2015 शà¥à¤°à¥€ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन कà¥à¤£à¥à¤¡à¤²à¤ªà¥à¤° वैशाली तीरà¥à¤¥ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° कमेटी, वैशाली, बिहार। शà¥à¤°à¥€ गोपाल दिगमà¥à¤¬à¤° जैन सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ संसà¥à¤•ृत महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, मà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¾ (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) इंटरनेशनल सेंटर फाॅर निगनà¥à¤¥ टà¥à¤°à¥‡à¤¡à¥€à¤¶à¤¨ परम संरकà¥à¤·à¤• : शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤·à¥€à¤¯ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन महिला महासà¤à¤¾, नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ संरकà¥à¤·à¤• : शà¥à¤°à¥€ दिगमà¥à¤¬à¤° जैन अयोधà¥à¤¯à¤¾ तीरà¥à¤¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° कमेटी रायगंज, अयोधà¥à¤¯à¤¾, उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ मंतà¥à¤°à¥€ : आर. à¤à¤®. पी. डिगà¥à¤°à¥€ कालेज, सीतापà¥à¤°, उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥¤ |
| निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¨ में पà¥à¤°à¤•ाशन शोध गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ पतà¥à¤°à¤¿à¤•ाà¤à¤‚: |
लखनऊ से पà¥à¤°à¤•ाशित : जैन गजट (हिनà¥à¤¦à¥€-à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤•) पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ तीरà¥à¤¥ जीरà¥à¤£à¥‹à¤‚दà¥à¤§à¤¾à¤° (मासिक) शà¥à¤°à¥à¤¤ संवरà¥à¤§à¤¿à¤¨à¥€ (मासिक) जैन महिलादरà¥à¤¶ (मासिक) विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ धारà¥à¤®à¤¿à¤•, पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ, शैकà¥à¤·à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ शोध गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ |
| धरà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾-अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨-यातà¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ | नारà¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ साउथ अमरीका, इंगà¥à¤²à¥ˆà¤£à¥à¤¡, यूरोप, जापान, मधà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¦à¥‚र-पूरà¥à¤µ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤ |
| पता | 5, खणà¥à¤¡à¥‡à¤²à¤µà¤¾à¤² जैन मनà¥à¤¦à¤¿à¤° कामà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¥à¤¸à¥à¤¸, राजा बाज़ार, शिवाजी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤® के पास, कनॉट पà¥à¤²à¥‡à¤¸, नई दिलà¥à¤²à¥€ - 110001 |
| फोन | 011-2334 4668, 2334 4669 |
| सेल | 098910 29717 |
| ई-मेल | digjainmahasabha@gmail.com & digjainmahasabha@yahoo.com |
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Mail to : Ahimsa Foundation
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